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Uttar Pradesh

अमेठी : अंग्रेजी सल्तनत में बना ऐतिहासिक भवन खंडहर में तब्दील, देखिए तस्वीर

August 12, 2019 07:23 PM
सुरजीत यादव अमेठी

अमेठी : अंग्रेजी सल्तनत में बना ऐतिहासिक भवन खंडहर में तब्दील, देखिए तस्वीर

वहीं डाक बंगला रख रखाव व विभाग की उदासीन रवैया के चलते झाड़ियों के बीच कमरे , कमरों के टूटे दरवाजे जंगली जानवरों के आशियाना के रूप में तब्दील हो चुका है । गौरतलब है कि सिंचाई विभाग द्वारा क्षेत्र में गिरॉवा रजबहा निर्गत करायी गई थी जहॉ अंग्रेजी शासनकाल के समय इसी डाक बंगले में विभागीय अधिकारियों व अतिथियों के ठहरने की उचित व्यवस्था रहा करती थी । विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण की दृष्टि से सुलभ था । देश के आजादी के सात वर्ष पूर्व 79 वर्ष पूराना डाक बंगला वर्तमान में देख रेख के अभाव में जंगली जानवरों का न सिर्फ अशियाना बल्कि खंडहर में तब्दील हो चुका है । कहा जाता है कि गाँधी परिवार के चिराग राहुल गाँधी बाल्याकाल में अपने पिता भारत रत्न राजीव गॉधी के साथ इसी भवन में रातें गुजारा करते थे। परन्तु उन्होंने कांग्रेसी शासनकाल व खुद अमेठी सांसद होते हुए लोगो के शिकायत के बाद भी इस तरह की तमाम भवनों की रुख नही किया और अमेठी की जनता ने उनके साथ जो किया रिजल्ट आपके सामने है खैर छोड़िये.......... 

लेकिन शीर्ष राजनेताओं के आवागमन का सिलसिला जब तक इस भवन में  होता रहा, तब तक यह भवन गुलजार रहा । परन्तु समय के बदलते वक्त में जैसे ही अमेठी में होटल और रेस्टोरेंट जैसे वीआईपी कल्चर की शुरुवात हुई और सियासतदारों के आवागमन का क्रम टूटा, वैसे ही इस डाक बंगला के बुरे वक्त आने की शुरुवात हो गयी । विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों का ठहराव अभाव ग्रस्त हो गया । वर्तमान में खिड़की, दरवाजा , तो भले टूट चुके हैं किन्तु छत की मजबूती को छत पर उगे विशालकाय पीपल का पेड़ डाक बंगले की दुर्दसा बयां कर रहा है। यहॉ तक की डाक बंगले तक पहुचने के लिए झाड़ियों से गुजरना पड़ता हैं । विभाग की ओर से रखरखाव में उदासीनता एवं सियासतदारों की उपेक्षा दृष्टि से शुकुल बाजार का डाक बंगला जंगली जीवों के आशियाना व पूराने खंडहर के रूप में पहचान बन गया हैं ।

विधानसभा जगदीशपुर के पूर्व विधायक राधेश्याम कनौजिया के नाना रामसेवक धोबी 1967 से 2007 तक 9 बार व उनके राधेश्याम कनोजिया एक बार विधायक रह चुके लेकिन इस डाक बंगला की सुधि लेना जरूरी नहीं समझा, वहीं मौजूदा विधायक व प्रदेश सरकार के राज्यमन्त्री सुरेस पासी भी इस ऐतिहासिक डाक बंगला के रखरखाव के प्रति चिंतित नही दिखते ।

डाक बंगले का जीर्णोद्धार विधायक व सांसद निधि से करवा सकते है इस ऐतिहासिक डाक बंगला मे पानी पीने के लिए जो हैण्ड पम्प व एक कुआ भी है 

फिलहाल यहॉ का डाक बंगला उपेक्षा का शिकार होता देखा जा रहा हैं अब देखना यह हैं कि शुकुल बाजार का डाक बंगला पूर्व की भाँति कब गुलजार हो सकेगा।

इस खबर के प्रायोजक है "यादव जनसेवा केंद्र" बाजार शुक्ल अमेठी

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