संत निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट के विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ हुई विशेष बैठक

संत निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट के विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ हुई विशेष बैठक

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट के शिक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ संत निरंकारी सत्संग भवन, सेक्टर-30 ए, चंडीगढ़ में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगीत एवं कला के माध्यम से सभी विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें आगे बढ़ाना है। इस संस्थान में संगीत सीखने वाले सभी शिक्षार्थियों को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया जा रहा है।

चंडीगढ़ ब्रांच के संयोजक ने दी संस्थान की जानकारी

चंडीगढ़ ब्रांच के संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने सभी को जानकारी दी है कि यह संस्थान चण्डीगढ़ के प्राचीन कला केंद्र से सम्बन्धित है। इस संस्थान से किए गए तीन साल के कोर्स की मान्यता स्नातक डिग्री के बिल्कुल समान है। इस संस्थान में कोई भी सज्जन संगीत सीखने या संगीत की डिग्री प्राप्त करने के भाव से आसानी से संगीत सीख सकता है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य संगीत एवं कला में रुचि रखने वाले शिक्षार्थियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें उचित दिशा और सही मंच प्रदान करना है। इस संस्थान में संगीत के साथ वोकल, हारमोनियम, तबला और गिटार सहित विभिन्न प्रकार की कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। हमारे पास सभी विधाओं के लिए अनुभवी और संगीत के प्रशिक्षित अध्यापक हमेशा उपलब्ध रहते हैं।

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प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और अनुशासन पर हुई चर्चा

इस विशेष बैठक के दौरान शिक्षार्थियों के प्रशिक्षण, उनके नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रगति पर बहुत विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है। सभी शिक्षार्थियों को निरंतर अभ्यास, पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने हुनर को और अधिक निखारने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया है। श्री पाठक जी ने सभी अभिभावकों से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को समय पर पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देना बेहद आवश्यक है। संगीत और कला हमेशा बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, एकाग्रता तथा सकारात्मक सोच को विकसित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षार्थियों और अभिभावकों ने साझा किए अपने अनुभव

इस विशेष अवसर पर सभी शिक्षार्थियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव और बहुमूल्य सुझाव सबके साथ साझा किए हैं। सभी अभिभावकों ने संस्थान द्वारा बच्चों के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों की दिल से सराहना की और अपना निरंतर सहयोग देने का पूरा आश्वासन दिया है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेशों के अनुसार संचालित होने वाली इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना है। यह संस्थान शिक्षार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और उनमें अनुशासन, समर्पण तथा सेवा भावना जैसे मानवीय गुणों का सुंदर विकास करता है। बैठक के अंत में संचालक श्री संजय वर्मा जी ने सभी उपस्थित शिक्षार्थियों और अभिभावकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है और सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।

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