अहिंदी भाषी क्षेत्र केरल के विद्यार्थियों के चौथे दिन का कार्यक्रम संपन्न

www.atalhind.com12 March 20263 min read0 viewsजींद
अहिंदी भाषी क्षेत्र केरल के विद्यार्थियों के चौथे दिन का कार्यक्रम संपन्न
अहिंदी भाषी क्षेत्र केरल के विद्यार्थियों के चौथे दिन का कार्यक्रम हिंदी शोधार्थी संघ भारत के सहयोग से संपन्न हुआ।
स्काई पथ ग्लोबल स्कूल करसिंधू के निदेशक नरेंद्र खटकड़ व स्टाफ सदस्यों ने विद्यालय में पहुंचने पर विद्यार्थियों का किया स्वागत ।
केरल और हरियाणा के बच्चों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन
प्रभावी आलेख लेखन में विषय की स्पष्टता, तथ्यात्मकता और भाषा की सरलता आवश्यक होती है-आलेख विशेषज्ञ डॉ ओमप्रकाश कादयान
नरवाना १2 मार्च (नरेन्द्र जेठी)
 केंद्रीय हिंदी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सौजन्य से के एम राजकीय महाविद्यालय नरवाना में पहुंचे 6 दिवसीय कार्यशाला में अहिंदी भाषी क्षेत्र केरल के विद्यार्थियों के चौथे दिन का कार्यक्रम हिंदी शोधार्थी संघ भारत के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्काई पथ ग्लोबल स्कूल करसिंधू के निदेशक नरेंद्र खटकड़ व स्टाफ सदस्यों ने विद्यालय में पहुंचने पर विद्यार्थियों का स्वागत किया। केरल और हरियाणा के बच्चों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य एक-दूसरे की भाषा, परंपराओं और जीवन-शैली को समझना था।
इस कार्यक्रम में केरल के बच्चों ने अपनी पारंपरिक नृत्य शैली, संगीत और वेशभूषा का परिचय दिया, जबकि करसिंधु स्कूल के बच्चों ने हरियाणवी लोकनृत्य, गीत और संस्कृति को प्रस्तुत किया। बच्चों ने मिलकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया, स्थानीय भोजन का स्वाद चखा और आपसी संवाद के माध्यम से नई जानकारियाँ प्राप्त कीं। इस आदान-प्रदान से बच्चों में राष्ट्रीय एकता, आपसी सम्मान और विविधता में एकता की भावना मजबूत हुई।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में सेंट जीसस मैरी कॉलेज दिल्ली से पधारी डॉ अर्चना त्रिपाठी ने कार्यशाला के तीसरे सत्र में भारत की विविधता व एकता में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व पर विचार रखें। दोपहर बाद के सत्र में हिसार से पहुंचे आलेख विशेषज्ञ डॉ ओमप्रकाश कादयान ने प्रभावी आलेख लेखन में विषय की स्पष्टता, तथ्यात्मकता और भाषा की सरलता आवश्यक होती है। प्रतिभागियों को उदाहरणों के माध्यम से लेखन की संरचना, शैली और प्रस्तुति के महत्व से भी अवगत कराया गया।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामनरेश मिश्र ने साहित्य में भाषा का स्थान व उसकी उपयोगिता विषय पर अपने विचार रखें कालिंदी कॉलेज दिल्ली से विषय विशेषज्ञ के तौर पर उपस्थित डॉ आरती पाठक ने लेखन क्यों और कैसे विषय पर विद्यार्थियों से चर्चा की। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से विशेषज्ञ के तौर पर उपस्थित रही डॉ गीतू धवन ने डायरी लेखन का जीवन में महत्व आदि विषय पर चर्चा की। केंद्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली से उपस्थित रहे अनुसंधान विशेषज्ञ श्री पुरुषोत्तम मीणा ने केंद्रीय हिंदी निदेशालय की हिंदी के प्रचार व प्रसार की योजनाओं से अवगत करवाया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ राजवीर नैन व कृष्ण कुमार कनक ने किया। इस अवसर पर रोहतक से विषय विशेषज्ञ डॉ रीना सिंधु, केरल के कोल्लम कॉलेज से हिंदी प्राध्यपिका डॉ रेशमा पीपी ,राजेश श्योकंद, कविता, सुल्तान, सुमन, डॉ मीना, डॉ सुनील आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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