नूंह जिले के संगेल में शुरू हुआ पहला आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर, पशुपालकों को मिलेगी राहत

नूंह जिले के संगेल में शुरू हुआ पहला आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर, पशुपालकों को मिलेगी राहत

नूंह जिले में पशु चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गांव संगेल स्थित पशु क्रूरता निवारण समिति यानी एसपीसीए की इन्फर्मरी एवं गौशाला परिसर में जिले के पहले आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर की शुरुआत कर दी गई है। इस नए और आधुनिक ऑपरेशन थियेटर का उद्घाटन उपायुक्त एवं जिला एसपीसीए के चेयरमैन अखिल पिलानी ने किया है। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह आधुनिक ऑपरेशन थियेटर की सुविधा जिले के सभी पशुपालकों और उनके पशुधन के लिए एक बहुत बड़ी सौगात साबित होगी।

नूंह जिले में पशुधन की स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

उपायुक्त अखिल पिलानी ने जानकारी देते हुए बताया कि नीति आयोग के आकांक्षी जिला नूंह में करीब 3.11 लाख पशुधन मौजूद है। इस पशुधन में मुख्य रूप से गौवंश और छोटे जुगाली करने वाले पशु शामिल हैं। जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक पशुपालन के ऊपर ही निर्भर करती है। जिले में बड़ी संख्या में छोटे एवं सीमांत किसान अपने पशुधन के माध्यम से ही अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि इन सभी पशुओं को समय पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

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पशु चिकित्सा और शल्य उपचार के नए अवसर

पशुधन के क्षेत्र में आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इसी मुख्य उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गांव संगेल में यह आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर स्थापित किया गया है। अब इस केंद्र पर दुर्घटनाग्रस्त पशुओं, जटिल प्रसव तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित पशुओं का समय पर सही शल्य उपचार किया जा सकेगा। इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से पशुओं की मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।

उद्घाटन के दिन ही तीन पशुओं की सफल सर्जरी

उपायुक्त अखिल पिलानी ने आगे यह भी बताया कि इस ऑपरेशन थियेटर के उद्घाटन के पहले ही दिन तीन पशुओं की सफल सर्जरी की गई है। इस सफल शुरुआत से इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा की वास्तविक आवश्यकता और उपयोगिता का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। अब जिले के किसी भी पशुपालक को गंभीर रूप से बीमार अथवा घायल पशुओं के उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। अब उन्हें स्थानीय स्तर पर ही यह बेहतरीन आधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

पशुपालन विभाग और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. वीरेंद्र सहरावत ने जिला प्रशासन का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के कुशल मार्गदर्शन में पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मेवात विकास अभिकरण के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस उद्घाटन अवसर पर पशु क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष दिनेश नागपाल, जगदीश सिंह और डॉ. योगेंद्र सांगवान समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में डॉ. सतीश कुमार, डॉ. त्रिपुरारी दुबे, डॉ. रामबीर, डॉ. इस्लाम, डॉ. हरेंद्र, अनिल कुमार, सोहेल, कृष्ण और रिजवान सहित अनेक पशु चिकित्सक और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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