नूंह में मोबाइल झपटमारी के दोषी को अदालत ने सुनाई पांच साल की सजा और 30 हजार जुर्माना

नूंह जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2022 के मोबाइल झपटमारी मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने मंगलवार को मामले में पारित किया है।
घटना का विवरण और गिरफ्तारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 मई 2022 की है। दल्लाबास निवासी इरशाद दल्लाबास चौक पर खड़े होकर अपने मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक अचानक वहां आया और उसका मोबाइल फोन छीनकर भागने लगा। पीड़ित इरशाद ने तुरंत साहस दिखाते हुए पीछा किया और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी की पहचान सलीम के रूप में हुई। सलीम फुसैता गांव का रहने वाला है और उसका थाना बिछोर, जिला नूंह है।
पुलिस कार्रवाई और अवैध हथियार की बरामदगी
पीड़ित ने आरोपी से अपना छीना हुआ मोबाइल फोन वापस ले लिया और तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ सदर थाना पुन्हाना में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने जब मामले की गहन जांच की तो आरोपी के कब्जे से एक देशी कट्टा भी बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ दीं। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया था।
अदालत का फैसला और सख्त टिप्पणी
मामले की नियमित सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी सलीम को मोबाइल झपटमारी और शस्त्र अधिनियम के तहत पूरी तरह दोषी करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि दोषी ने शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन छीना था और उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुआ था। अदालत ने यह भी माना कि ऐसे मामलों में अत्यधिक नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जा सकता है। मामले के सभी तथ्यों और सबूतों को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने अंततः दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।