नूंह में पाक्सो मामले की एमएलआर बदलने के लिए ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते एमपीएचडब्ल्यू गिरफ्तार

नूंह और गुरुग्राम में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नूंह जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते समय हुई है। इस पूरे मामले में पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर को भी आरोपी बनाया गया है।
आरोपी की पहचान और शिकायत की पूरी जानकारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोनू शर्मा के रूप में हुई है। मोनू शर्मा पिनंगवां पीएचसी में एमपीएचडब्ल्यू के पद पर तैनात है। इस मामले में एसएमओ डॉ. बीरपाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्यूरो को दी गई शिकायत में एक व्यक्ति ने बताया कि उसके बेटे के खिलाफ थाना पिनंगवां में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
मेडिकल सैंपल बदलने और एमएलआर में पक्ष में राय देने का सौदा
आरोप है कि आरोपी मोनू शर्मा ने मेडिकल कराने के दौरान संपर्क किया था। आरोपी ने कहा था कि वह पीड़ित का मेडिकल सैंपल बदलवा देगा। इसके साथ ही एमएलआर में उसके पक्ष में राय देने की बात कही गई थी। इस काम के बदले शुरुआत में 15,000 रुपये मांगे गए थे। इसमें से 5,000 रुपये नकद और 10,000 रुपये ऑनलाइन लिए गए थे।
रिश्वत की मांग बढ़ाना और ट्रैप कार्रवाई
इसके बाद आरोपी ने लगातार फोन कर रिश्वत की मांग को बढ़ा दिया था। अंत में आरोपी ने 3.50 लाख रुपये की कुल मांग की और 2.50 लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। इस शिकायत की पुष्टि होने के बाद ब्यूरो की फरीदाबाद की टीम ने एक ट्रैप लगाया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी मोनू शर्मा को 2.50 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से रिश्वत की राशि भी पूरी तरह बरामद कर ली गई है।
डॉ. बीरपाल की संलिप्तता और मामला दर्ज
ट्रैप कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद डॉ. बीरपाल की संलिप्तता भी सामने आई है। संलिप्तता सामने आने के बाद डॉ. बीरपाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले को लेकर ब्यूरो के गुरुग्राम थाना में आधिकारिक रूप से केस दर्ज कर लिया गया है।