नूंह में पोर्टल की तकनीकी खामियों और डीसीएस के विरोध में पटवारी-कानूनगो की हड़ताल

नूंह में पटवारी और कानूनगो अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों और डिजिटल क्रॉप सर्वे के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। तहसीलों में राजस्व विभाग के कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहे।
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन हरियाणा के आह्वान पर यह हड़ताल की गई। नूंह जिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। जिलेभर के कर्मचारी इस धरने में शामिल हुए।
तकनीकी समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। पटवार एवं कानूनगो संगठन के राज्य उपप्रधान मोहम्मद सबिर और जिला महासचिव अंजुम खान ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करते समय गलतियां हो रही हैं। जमीन मालिकों के नाम और रकबे से संबंधित जानकारी गलत दर्ज हो रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि सॉफ्टवेयर की खामियों के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। बाद में इन सभी गलतियों की जिम्मेदारी भी कर्मचारियों पर ही डाल दी जाती है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के नियमों का विरोध
कर्मचारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के नियमों को पूरी तरह से अव्यावहारिक बताया। उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। डीसीएस के दौरान सुरक्षा और अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। कर्मचारियों ने मांग की कि यह कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाए। इसके अलावा पुरानी ई-गिरदावरी व्यवस्था को बहाल करने की मांग भी की गई।
तहसीलों में ठप रहे जरूरी काम
दो दिवसीय हड़ताल के कारण तहसीलों में कई जरूरी काम प्रभावित हुए। जमीन के इंतकाल, जमाबंदी और रजिस्ट्रियों से जुड़े कार्य नहीं हो पाए। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के कार्य भी रुके रहे। राजस्व विभाग के अन्य कार्यों पर भी इसका बुरा असर पड़ा। विभिन्न कार्यों के लिए तहसीलों में पहुंचने वाले आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकार से की गई तुरंत मांग
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगें जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करने की मांग की। डीसीएस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और काम का दबाव कम करने की बात कही गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।