नूंह में पुलिस टीम पर हमला और फायरिंग करने के दो दोषियों को अदालत ने सुनाई पांच-पांच साल की सजा

नूंह में पुलिस टीम पर हमला और फायरिंग करने के दो दोषियों को अदालत ने सुनाई पांच-पांच साल की सजा

नूंह जिले में अदालत ने पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. राहुल बिश्नोई की अदालत ने पुलिस टीम पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अवैध हथियार रखने तथा हत्या के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने गुरुवार को दोषी लियाकत और उस्मान को अधिकतम पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है।

घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई

पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला 11 अगस्त 2020 का है। दोनों आरोपियों ने अपनी साझा मंशा के तहत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सरकारी कार्य में भारी बाधा डाली थी। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं। इस घटना के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग भी की गई थी। अदालत ने मामले के सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में पूरी तरह दोषी माना है।

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बरामद हथियार और अदालत का फैसला

मामले की जांच के दौरान आरोपी उस्मान के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और दो खाली खोखे बरामद हुए थे। वहीं दूसरे आरोपी लियाकत के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों के पास हथियार रखने का कोई भी वैध लाइसेंस या परमिट नहीं था। अदालत ने लियाकत को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत अधिकतम पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उस पर कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है

उस्मान की सजा और जुर्माना

दूसरी ओर, आरोपी उस्मान को विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उस्मान को आर्म्स एक्ट की अतिरिक्त धारा के तहत चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी दी गई है। अदालत ने आरोपी उस्मान पर कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है

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