नूंह में भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे दो कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनुबंधित सेवाएं समाप्त

नूंह जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त पाए गए दो कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनुबंधित सेवाएं समाप्त कर दी हैं। जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी, नूंह के ये दोनों कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त पाए गए थे। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
डीसी अखिल पिलानी का बयान
नूंह के उपायुक्त अखिल पिलानी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला नूंह में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि दोनों कर्मचारियों की अनुबंधित सेवाएं संविदा एवं अनुबंध की शर्तों तथा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर समाप्त की गई हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद पर कार्रवाई
कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज हुआ है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए, 8, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, यूनिट नूंह द्वारा गिरफ्तार किया गया था। जुबेर अहमद के खिलाफ विभागीय जांच भी करवाई गई थी। जांच के दौरान उसका जवाब असंतोषजनक एवं निराधार पाया गया। जांच में उसे अनुबंधित सेवाओं से संबंधित नियमों एवं शर्तों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। इसके बाद उसकी अनुबंधित सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
कंप्यूटर ऑपरेटर रूपचंद की सेवाएं भी समाप्त
इसी प्रकार कंप्यूटर ऑपरेटर रूपचंद के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार वह बिना स्वीकृत अवकाश के लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहा था। विभागीय जांच के दौरान वह अपनी अनुपस्थिति के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। रूपचंद के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज हुआ। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। अनुबंध की नियम एवं शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर उसकी संविदा सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।