नूंह में जल भराव की समस्या पर विधायक आफ़ताब अहमद ने अधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

नूंह विधायक व कांग्रेस विधायक दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में जिले में जलभराव के समाधान और चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सिंचाई विभाग के एक्सईएन आफ़ताब खान, मैकेनिकल के एक्सईएन हितेश देशवाल, एसडीओ और जूनियर इंजीनियर मौजूद रहे।
जलभराव से किसानों को हो रहा भारी नुकसान
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि जलभराव के कारण कई जगहों पर कई साल से फसल नहीं हुई है। इस स्थिति के कारण किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाए ताकि किसान समय पर फसल की बुआई कर सकें। अधिकारियों ने विधायक को आश्वासन दिया कि इस बार किसान समय पर फसल बो पाएगा और जलभराव की समस्या का समाधान होगा।
विधानसभा में भी उठाया गया था जलभराव का मुद्दा
विधायक आफताब अहमद ने जलभराव के मामले को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सरकार से इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए स्पष्ट रूप से कहा था। विधायक ने बताया कि कई सालों से अत्याधिक बारिश के कारण जल भराव की समस्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस कारण हजारों एकड़ भूमि बिना फसल बोये रह जाती है और भूमि बंजर हो रही है, जिसके समाधान लगातार तलाशे जा रहे हैं।
सार्वजनिक स्थलों और रिहायशी इलाकों से पानी निकालने के निर्देश
विधायक आफ़ताब अहमद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों, अनाज मंडियों, सरकारी ईमारतों, कब्रिस्तान, श्मशान और रिहायशी इलाकों में जमा पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र में किसी प्रकार की बीमारियां न फैलें। अधिकारियों को इस कार्य में पूरी तत्परता दिखाने के लिए कहा गया है।
इन गांवों में सबसे गंभीर है जलभराव की समस्या
गांगोली, आलदोका, बैंसी, सुडाका, भडंगाका, आकेडा, निजामपुर, मालब, खेडला, नूंह, और घासेडा आदि गांवों में जलभराव की समस्या बहुत अधिक है। इस दौरान कई गांव के किसानों ने बताया कि अत्याधिक वर्षा के कारण खेत जलमग्न हैं और कई सालों से खेतों में बुआई नहीं हुई है। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उन्हें सरकार से भी मुआवजा नहीं मिला है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। अधिकारियों ने विधायक को अवगत कराया कि वर्तमान में मोटर और पंप लगाए गए हैं और तेजी से पानी की निकासी की जा रही है।