हरियाणा में 5,000 TPD वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए ऑयल ग्रीन एनर्जी ने किए समझौते

ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (OGEL) ने हरियाणा में बड़े पैमाने पर कचरे से ऊर्जा बनाने के प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऑयल इंडिया लिमिटेड की इस पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ने 29-30 अगस्त 2026 को हरियाणा के चार नगर निकायों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स को विकसित करना है। यह पूरी पहल हर दिन कुल 5,000 टन नगरपालिका ठोस कचरे को प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन की गई है। अधिकारियों के अनुसार इस प्रोजेक्ट के अक्टूबर 2028 तक चालू होने की उम्मीद है।
हरियाणा में चार प्रमुख क्लस्टर
ये नए प्लांट गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और हिसार क्लस्टर में स्थापित किए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स को भारत सरकार की GOBARdhan नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम 2026 और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के साथ जोड़ा गया है। इन सभी प्रोजेक्ट्स की क्षमता को क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग विभाजित किया गया है। गुरुग्राम प्लांट प्रतिदिन 2,000 TPD कचरा प्रोसेस करेगा जिससे 20 मेगावाट (MW) बिजली पैदा होगी। फरीदाबाद प्लांट प्रतिदिन 1,600 TPD कचरा प्रोसेस करके 16 MW बिजली बनाएगा। अंबाला क्लस्टर प्रतिदिन 900 TPD कचरा संभालकर 9 MW बिजली का उत्पादन करेगा। हिसार क्लस्टर प्रतिदिन 500 TPD कचरा प्रोसेस करके 5 MW बिजली तैयार करेगा।
उत्पादन और वित्तीय रूपरेखा
ये सभी सुविधाएं मिलकर हर दिन 70 से 75 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन करेंगी। इसके अलावा इन प्लांट्स से कुल 50 MW ग्रीन पावर (हरित बिजली) का उत्पादन भी किया जाएगा। इस पूरी पहल के लिए वित्तीय व्यवस्था भी तय कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट की फंडिंग में केंद्र के अर्बन चैलेंज फंड से 25% कैपिटल सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकायों के बीच 25% हिस्सेदारी बंटी हुई है। इस प्रोजेक्ट में OGEL द्वारा 50% निवेश किया जाएगा।
समारोह में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समझौते के हस्ताक्षर समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से उपस्थित थे। उनके साथ OIL Green Energy Limited के सीएमडी रंजीत रथ भी इस अवसर पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स साफ-सुथरे शहरी पर्यावरण और प्रधानमंत्री के Waste to Wealth विजन की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम हैं। इस कार्यक्रम में अन्य कई प्रमुख अधिकारी और मंत्री भी उपस्थित थे। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम के लिए कचरा निपटान को अपनी प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर राज्य के मंत्री कृष्ण लाल पंवार, महिपाल ढांडा, विपुल गोयल और श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।
कचरे के वैज्ञानिक वर्गीकरण की तकनीक
ये सभी प्लांट कचरे के सही प्रबंधन के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का उपयोग करेंगे। इसमें बायोडिग्रेडेबल कचरे को CBG में बदलने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छंटाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर गैर-पुनर्चक्रण योग्य सूखे कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। यह तकनीक पर्यावरण को सुरक्षित रखने और कचरे के वैज्ञानिक निपटान में बहुत मददगार साबित होगी।