गुरुग्राम में ओम प्रकाश धनखड़ बोले, विभाजन का दर्द भूलना इतिहास से विश्वासघात है

विभाजन की राजनीतिक जल्दबाजी की कीमत लाखों निर्दोष लोगों ने अपने खून, घर और सम्मान से चुकाई। गुरुग्राम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल देश के भूगोल का बंटवारा नहीं था। यह करोड़ों भारतीयों के हृदय पर लगा ऐसा घाव था जिसकी टीस आज भी बाकी है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के तत्कालीन नेतृत्व की राजनीतिक जल्दबाजी, अदूरदर्शिता और परिस्थितियों को संभालने में विफलता की कीमत चुकानी पड़ी। इस विफलता की कीमत लाखों निर्दोष लोगों को अपने प्राण, घर-बार और सम्मान खोकर चुकानी पड़ी। वे गुरुवार को भाजपा कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
युवा पीढ़ी को याद रखना चाहिए इतिहास का काला अध्याय
देश की युवा पीढ़ी को उस काले अध्याय को कभी नहीं भूलना चाहिए। ओमप्रकाश धनखड़ ने आगे कहा कि हमारे बुजुर्गों ने विभाजन के दौरान असंख्य बलिदान दिए थे। इस दौरान हजारों परिवार एक-दूसरे से बिछड़ गए थे। लाखों लोग अपनी पुरखों की जमीन और घर छोडक़र शरणार्थी बनने को मजबूर हुए थे। माताओं और बहनों ने ऐसी अमानवीय यातनाएं झेली थीं जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना भी बेहद कठिन है। विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपनी जड़ों से उखडक़र नई जगहों पर जीवन दोबारा शुरू करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के संघर्ष और विभाजन की त्रासदी में असंख्य ऐसे नायक और सामान्य भारतीय भी शामिल थे। उनके त्याग और बलिदान को इतिहास में वह उचित स्थान नहीं मिला जिसके वे असली अधिकारी थे। दशकों तक देश की नई पीढ़ी के सामने इतिहास का केवल अधूरा पक्ष ही रखा गया था। कांग्रेस को देश को यह बताना चाहिए कि विभाजन की विभीषिका की वह दास्तान क्यों छिपाई गई। विस्थापित परिवारों की पीड़ा और अनाम बलिदानियों की अनेक गाथाओं को राष्ट्रीय विमर्श में समुचित स्थान क्यों नहीं मिला।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य और आगामी कार्यक्रम
इतिहास को भूलने वाली पीढिय़ां अक्सर उसकी गलतियों को दोहराने का जोखिम उठाती हैं। धनखड़ ने स्पष्ट किया कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के भी प्रति घृणा पैदा करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल सत्य को याद रखना और उन अनाम लोगों को श्रद्धांजलि देना है। इन लोगों ने देश के विभाजन की बहुत बड़ी कीमत चुकाई थी। उन्होंने जानकारी दी कि 14 अगस्त को एक विशेष विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और माननीय केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इस पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी भूपेश्वर दयाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम के संयोजक बोधराज सीकरी, पूर्व ओएसडी जगदीश चोपड़ा और प्रदेश महामंत्री सत्यप्रकाश जरावता भी वहां उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी और मीडिया प्रभारी हितेश चौधरी सहित कई अन्य पार्टी पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।