पैगाम-ए-इंसानियत संस्था ने मुजफ्फरनगर में तीन स्थानों पर फहराया तिरंगा, देशभक्ति और भाईचारे का दिया संदेश

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर में देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संदेश देखने को मिला है। पैग़ाम-ए-इंसानियत संस्था की ओर से शहर के तीन प्रमुख स्थानों मीनाक्षी चौक, सरवट स्थित मदनी चौक और टैक्सी-टेम्पो यूनियन स्टैंड पर भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संस्था के अध्यक्ष हाजी आसिफ राही ने गणमान्य नागरिकों के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और राष्ट्रध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण के दौरान तीनों स्थानों पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने तिरंगे के सम्मान में सिर झुकाया और देश की एकता, अखंडता, अमन-चैन तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। संस्था की ओर से लोगों को तिरंगे भी वितरित किए गए।
तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक
इस अवसर पर हाजी आसिफ राही ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और सम्मान का पर्व है। देश की आजादी के लिए अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। हमें उनके बलिदानों को हमेशा याद रखना चाहिए और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी अनेकता में एकता और आपसी भाईचारा है। देश में अलग-अलग धर्म, जाति, भाषा और संस्कृतियों के लोग रहते हैं, लेकिन तिरंगा हम सभी को एक सूत्र में बांधता है। हमें हर प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। हाजी आसिफ राही ने कहा कि पैग़ाम-ए-इंसानियत संस्था का उद्देश्य इंसानियत, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। संस्था लगातार लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास करती है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तीन स्थानों पर तिरंगा फहराने का उद्देश्य भी लोगों में देशप्रेम और आपसी एकता की भावना को मजबूत करना है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने की अपील
हाजी आसिफ राही ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के भविष्य को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। युवाओं को शिक्षा, मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। देश का विकास तभी संभव है, जब युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण और समाज की बेहतरी के लिए इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हम सभी को अपने कर्तव्यों की याद दिलाने वाला अवसर है। प्रत्येक नागरिक को देश की तरक्की और समाज की खुशहाली के लिए अपना योगदान देना चाहिए।
मीनाक्षी चौक पर शान से लहराया तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सबसे पहले मीनाक्षी चौक पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाजी आसिफ राही ने गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में तिरंगा फहराया। राष्ट्रध्वज को सलामी देने के साथ लोगों ने देश के अमर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि आजादी का पर्व हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। तिरंगा हर भारतीय के लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक है।
मदनी चौक पर गूंजा देशभक्ति का संदेश
इसके बाद सरवट स्थित मदनी चौक पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां भी हाजी आसिफ राही ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान हाजी आसिफ राही ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होकर ही मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
टैक्सी-टेम्पो यूनियन स्टैंड पर फहराया तिरंगा
पैग़ाम-ए-इंसानियत की ओर से टैक्सी-टेम्पो यूनियन स्टैंड पर भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। यहां तिरंगा फहराए जाने के बाद मौजूद लोगों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में लोगों को तिरंगे वितरित किए गए। लोगों ने उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार किया और देश की तरक्की, अमन-चैन तथा खुशहाली की कामना की।
लोगों में बांटे गए राष्ट्रीय ध्वज
संस्था की ओर से तीनों कार्यक्रम स्थलों पर नागरिकों को तिरंगे वितरित किए गए। संस्था के पदाधिकारियों ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने तथा स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझने की अपील की। तिरंगा हाथों में लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रमों के दौरान देशभक्ति और भाईचारे का संदेश लोगों के बीच पहुंचाया गया।
इंसानियत और वतन से मोहब्बत का पैगाम
कार्यक्रम में हाजी आसिफ राही ने कहा कि इंसानियत और देशप्रेम एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। समाज में जब इंसान एक-दूसरे के सम्मान और अधिकारों का ख्याल रखता है, तो देश मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि हमें नफरत और वैमनस्य से दूर रहकर प्रेम, शांति और भाईचारे का वातावरण तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हम अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी से काम करें, कानून का सम्मान करें और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाएं, तो यह भी राष्ट्र सेवा का ही हिस्सा है।
बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता हाजी ज़िया-उर-रहमान, दिलशाद पहलवान, सभासद पति शाहिद आलम, मौ. अहमद ख़ान, डॉ. राशिद ख़ान, नईम कस्सार, इकराम कस्सार, आदिल जीलानी, महबूब आलम एडवोकेट, इशरत त्यागी, आज़म ख़ान, मोबीन राईन, दिलशाद अंसारी, असद ख़ान, अमीर आज़म कल्लू, अज़ीम ख़ान, फैज़ान अंसारी और नौशाद कुरैशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की एकता, अखंडता, शांति और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।