पलवल में चार लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले ईएसआई के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश

पलवल में फैसले के नाम पर चार लाख रुपये की रिश्वत मांगना ईएसआई होशियार सिंह को बहुत भारी पड़ गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी), फरीदाबाद ने इस मामले की जांच पूरी कर ली है। जांच पूरी होने के बाद आरोपित ईएसआई के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। आरोपी ईएसआई होशियार सिंह को एसीबी ने सात जुलाई को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए बिल्कुल रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह आरोपित फिलहाल जिला जेल नीमका, फरीदाबाद में न्यायिक हिरासत के तहत बंद चल रहा है।
ईएसआई होशियार सिंह की तैनाती और मामले की धाराएं
आरोपी ईएसआई होशियार सिंह थाना चांदहट में ईआरवी-502 का इंचार्ज था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) सहपठित 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल की गई है। यह चार्जशीट अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैय्यब हुसैन की अदालत में दाखिल की गई है। यह पूरा मामला एक बर्खास्त पुलिस कर्मचारी से जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ थाना कैंप पलवल में वर्ष 2023 में अभियोग संख्या 17 दर्ज किया गया था।
बर्खास्त पुलिस कर्मचारी और रिश्वत का पूरा मामला
जांच के दौरान अन्य आरोपितों के फर्द-ए-इंकशाफ के आधार पर उस बर्खास्त पुलिसकर्मी का नाम भी इस मामले में शामिल किया गया था। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। इसी प्रकरण के चलते विभाग ने उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त भी कर दिया था। शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी गई अपनी शिकायत में यह गंभीर आरोप लगाया था कि इसी मामले में फैसला कराने के नाम पर ईएसआई होशियार सिंह ने उससे चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। कथित तौर पर यह तय हुआ था कि दो लाख रुपये तुरंत दिए जाएंगे और बाकी के दो लाख रुपये फैसला होने के बाद दिए जाएंगे।
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई और अदालत में चार्जशीट
शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसीबी फरीदाबाद की टीम ने सात जुलाई 2026 को एक ट्रैप लगाया था। कार्रवाई के दौरान होशियार सिंह को शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में बिल्कुल रंगे हाथों पकड़ लिया गया था। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी सफलतापूर्वक बरामद कर ली थी। इस कार्रवाई के बाद एसवी एंड एसीबी थाना फरीदाबाद में नया अभियोग दर्ज किया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत आगे की जांच शुरू की गई। एसीबी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद तीन सितंबर को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपित इस समय न्यायिक हिरासत में है और ब्यूरो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कानून के अनुसार बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।