पलवल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तेज धूप और गर्मी से बेहोश हुईं दर्जनभर छात्राएं, अस्पताल में उपचार में देरी का आरोप

पलवल जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के समय शनिवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। राष्ट्रगान से कुछ समय पहले एक के बाद एक छात्राएं चक्कर खाकर बेहोश होकर गिरने लगीं। अचानक लगभग दर्जनभर छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से कार्यक्रम स्थल पर पूरी तरह से हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया। एंबुलेंस की मदद से सभी छात्राओं को उपचार के लिए तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा, कुछ छात्राओं को निजी अस्पतालों में भी ले जाए जाने की जानकारी सामने आई है।
किस स्कूल की हैं छात्राएं और क्या है पूरा मामला
बीमार होने वाली सभी छात्राएं झलकारी बाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जवाहर नगर कैंप की हैं। इन सभी छात्राओं ने जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाग लिया था। विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली सभी छात्राओं को सुबह करीब छह बजे ही कार्यक्रम स्थल पर बुला लिया गया था। इसके बाद छात्राओं ने कई बार सांस्कृतिक कार्यक्रम की फाइनल रिहर्सल की।
कार्यक्रम शुरू होने के बाद भी सभी छात्राएं काफी लंबे समय तक तेज धूप और गर्मी में अपनी जगह पर बैठी रहीं और रिहर्सल करती रहीं। मुख्य बात यह सामने आई कि कार्यक्रम स्थल पर छात्राओं के बैठने के स्थान पर पर्याप्त छाया की बिल्कुल भी व्यवस्था नहीं थी। लंबे समय तक तेज धूप और गर्मी के संपर्क में रहने के कारण ही कई छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अस्पताल पहुंचने पर छात्राओं को हुई परेशानियां
अस्पताल पहुंचने के दौरान कुछ छात्राओं को चलने में भारी परेशानी हो रही थी। इसके अलावा छात्राओं को सांस लेने में भी काफी दिक्कत बताई गई। एक छात्रा की हालत अधिक गंभीर होने पर उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किए जाने की जानकारी मिली है।
अस्पताल में उपचार में देरी के गंभीर आरोप
छात्राओं के अस्पताल में पहुंचने के बाद भी वहां पर अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगे हैं। अस्पताल में उस समय मौजूद लोगों के अनुसार, छात्राओं के त्वरित उपचार के लिए अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था बिल्कुल नहीं थी। बताया गया कि एक समय में केवल एक ही डॉक्टर उपलब्ध होने के कारण छात्राओं के उपचार में देरी हुई।
अस्पताल में मौजूद एक अन्य मरीज के स्वजन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समारोह में तिरंगा फहराना हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है, लेकिन आम जनता और बच्चों के लिए अस्पतालों में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध होना भी उतना ही ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा, अभिभावकों को उनकी बच्चियों यानी छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना समय पर नहीं दिए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब शिक्षा विभाग के एक उपमंडल स्तर के अधिकारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।