पलवल में सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवक से 10 लाख रुपये की ठगी, दो साल तक टहलाता रहा आरोपी मकान मालिक

पलवल में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने युवक से 10 लाख रुपये हड़प लिए हैं। आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़ित युवक का मकान मालिक ही है। मकान मालिक ने युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर रुपये लिए थे। इसके बाद आरोपी करीब दो साल तक लगातार नौकरी लगवाने और रुपये वापस करने का आश्वासन देता रहा। लेकिन आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही पीड़ित के रुपये वापस लौटाए। जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे मामले की शिकायत मिलने के बाद कैंप थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
कैंप थाना प्रभारी ने दी मामले की जानकारी और पीड़ित का परिचय
कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के अनुसार, राजीव नगर शमशाबाद के रहने वाले चिराग ने अपनी पढ़ाई पूरी की है। चिराग ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की है। वर्ष 2024 में चिराग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उस समय वह दिल्ली में एक किराये के मकान में रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात लाडो सराय नई दिल्ली के रहने वाले मकान मालिक घनश्याम शर्मा से हुई थी। इसी मकान मालिक घनश्याम शर्मा ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था।
इस तरह से दिए गए थे 10 लाख रुपये और किए गए बैंक ट्रांसफर
चिराग के अनुसार, उसने और उसके पिता हरफूल ने घनश्याम शर्मा से नौकरी के संबंध में बातचीत की थी। आरोपी घनश्याम शर्मा ने नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे 10 लाख रुपये ले लिए थे। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इन रुपयों में से सात लाख 61 हजार 2 रुपये पेटीएम, फोन-पे और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए गए थे। जबकि बची हुई शेष राशि नकद दी गई थी। पीड़ित चिराग ने इस लेन-देन से संबंधित सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है।
रुपये ऐंठने के बाद आरोपी ने दो साल तक किया गुमराह और दी धमकी
पीड़ित का गंभीर आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी लगातार उसे और उसके परिवार को गुमराह करता रहा। आरोपी कभी किसी तारीख पर तो कभी अगले महीने नौकरी लगवाने की बात कहता रहा। इसके साथ ही आरोपी द्वारा रुपये वापस करने का भी भरोसा दिया जाता रहा। करीब दो साल का समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। जब चिराग ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने पलवल के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। कैंप थाना की किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी के जांच अधिकारी एएसआई विनोद कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने धोखाधड़ी करके नौकरी के नाम पर पीड़ित से 10 लाख रुपये हड़पे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।