पलवल में चार्जिंग पर लगाते ही हैक हुआ मोबाइल, साइबर ठगों ने चार बैंक खातों से उड़ाए 1 लाख 72 हजार रुपये

पलवल के सिहौल गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने सिहौल गांव निवासी एक युवक के मोबाइल फोन को कथित तौर पर हैक कर लिया। ठगों ने युवक के चार अलग-अलग बैंक खातों से कुल एक लाख 72 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, उसने 23 अगस्त को अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया था। इसी दौरान उसका फोन अचानक ऑटोमेटिक अपडेट मोड में चला गया। कुछ ही देर बाद उसके बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर होने लगे। जिला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल ऑटोमेटिक अपडेट मोड में गया और नियंत्रण से बाहर हुआ
साइबर क्राइम थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि सिहौल निवासी गौरव ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। गौरव ने पुलिस को बताया कि 23 अगस्त को उसने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया था। इसी दौरान मोबाइल अचानक ऑटोमेटिक अपडेट मोड में चला गया। गौरव को जब इस बात पर शक हुआ तो उसने अपने फोन को बंद करने का काफी प्रयास किया। लेकिन फोन पूरी तरह से उसके नियंत्रण से बाहर हो चुका था। पीड़ित का सीधा आरोप है कि इसी दौरान साइबर ठगों ने उसके मोबाइल फोन को हैक कर लिया। ठगों ने मोबाइल से जुड़े सभी बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाता, तब तक ठगों ने उसके चार अलग-अलग बैंक खातों से कुल एक लाख 72 हजार रुपये निकाल लिए। धोखाधड़ी का यह पूरा मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने तुरंत मामले की सूचना साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी। इसके बाद थाने में लिखित शिकायत दी गई। शिकायत मिलने के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस कर रही है तकनीकी जांच और ट्रांजेक्शन की कड़ियों की तलाश
पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है, जिनमें पीड़ित के खातों से रकम ट्रांसफर की गई है। पुलिस का मुख्य प्रयास यह है कि ट्रांजेक्शन की इस कड़ी के आधार पर जल्द से जल्द आरोपितों तक पहुंचा जा सके। साइबर क्राइम थाना पुलिस इस मामले की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस यह भी बारीकी से पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिरकार मोबाइल फोन किस तरह से हैक हुआ। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपितों ने बैंक खातों तक अपनी पहुंच कैसे बनाई। पुलिस अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि तकनीकी जांच के आधार पर सभी आरोपितों की पहचान की जाएगी और फिर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।