पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा: डॉ. वीरेंद्र चौहान

Atal Hind Team Online12 August 20262 min read19 viewsकैथल
पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा: डॉ. वीरेंद्र चौहान

पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा : डॉ. चौहान

कैथल /12 अगस्त 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

गांवों के विकास को गति देने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का जागरूक, सक्रिय और जवाबदेह होना आवश्यक है। विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ पंचायतें जनभागीदारी को मजबूत करें और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दें। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे जिला परिषद सभागार, कैथल में आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

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डॉ. चौहान ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत रोजगार, पारदर्शिता, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गांवों को सशक्त किए बिना विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इसके साथ ही मजदूरी भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का सही लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पंचायतों को पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।

जिला परिषद कैथल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश रविश ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की समुचित जानकारी होने से ग्रामीण विकास कार्यों के क्रियान्वयन में और अधिक प्रभावशीलता आएगी।जिला परिषद के चेयरमैन करमवीर कौल ने कहा कि पंचायतें गांवों के विकास की मूल इकाई हैं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। प्रशिक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर ढांड, पुंडरी एवं कैथल ब्लॉक के जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य, सरपंच तथा ग्राम सचिव सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विकसित भारत–जी राम जी के अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता एवं लेखा सहायक भी मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों, ग्रामीण विकास योजनाओं तथा पंचायतों की जिम्मेदारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

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