विभाजन बाद हरियाणा आए विस्थापितों ने प्रदेश को किया समृद्ध : राव इंद्रजीत गुरुग्राम में कार्यक्रम

विभाजन बाद हरियाणा आए विस्थापितों ने प्रदेश को किया समृद्ध : राव इंद्रजीत
गुरुग्राम में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम
देशभक्ति गीतों के बीच विभाजन की त्रासदी की यादें हुई ताजा
देशभक्ति गीतों पर तिरंगा हाथ में लेकर झूमे कार्यक्रम में मौजूद लोग
गुड़गांव /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों के बीच विभाजन की त्रासदी की यादें ताजा हो गईं। कार्यक्रम में मौजूद लोग देशभक्ति गीतों पर तिरंगा हाथ में लेकर झूमे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी झेलकर हरियाणा आए विस्थापित परिवारों ने विपरीत परिस्थितियों में अपने जीवन को दोबारा खड़ा करते हुए प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विशिष्ट योगदान
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि विशेष रूप से पाकिस्तान से विस्थापित होकर हरियाणा आए पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत, संघर्ष, उद्यमशीलता और संस्कारों से प्रदेश की विकास यात्रा को नई मजबूती दी। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद बड़ी संख्या में परिवार हरियाणा में आए, जिनका प्रदेश के मूल निवासियों ने खुले मन से स्वागत किया और उन्हें समाज का अभिन्न हिस्सा बनाया। इन परिवारों ने भी हरियाणा को अपनी कर्मभूमि मानकर कृषि, व्यापार, उद्योग, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। आज हरियाणा की सामाजिक पहचान और समृद्धि में इन परिवारों की मेहनत और संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हरियाणा ने दिए आगे बढ़ने के मौके
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि विभाजन के बाद यहां आए पंजाबी समाज ने अपनी भाषा, खान-पान, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को हरियाणा की स्थानीय संस्कृति के साथ जोड़कर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को और व्यापक एवं समृद्ध बनाया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की पहचान अनेक संस्कृतियों के सुंदर समन्वय और आपसी भाईचारे के रूप में होती है। पंजाबी समाज की उद्यमशीलता और मेहनत ने प्रदेश को कृषि के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने विस्थापित परिवारों को केवल अपनाया ही नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के अवसर भी दिए, जिसका प्रमाण प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी से मिलता है।
विभाजन की त्रासदी की यादें हुई ताजा
कार्यकम में देशभक्ति गीतों की धुन के बीच विभाजन की त्रासदी की यादें एक बार फिर ताजा हो गई और पूरा पांडाल भावुक हो उठा। कलाकारों ने विभाजन की त्रासदी को एक नाटक के माध्यम से बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश किया, जिसने उस दौर के माहौल, पीड़ा और हालात को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए पूरे पांडाल को तालियों से गुंजायमान कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आमजन ने हिस्सा लिया और देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक को याद किया।
स्मृति की दीवार और पुष्पांजलि
कार्यक्रम स्थल पर विभाजन की त्रासदी को समर्पित एक विशेष स्मृति की दीवार भी बनाई गई थी। इस दीवार पर त्रासदी से जुड़ी वे तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं, जो आज भी लोगों के जहन में जीवंत हैं। कार्यक्रम के समापन के उपरांत मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल स्मृति की दीवार पर पहुंचे। वहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों को नमन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा और लोक निर्माण (बी एंड आर) रणबीर गंगवा उपस्थित रहे। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर, खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा एवं संजय भाटिया, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास एवं आयोजन के संयोजक बोधराज सीकरी, पंचनद स्मारक ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सुधा, भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की आयोजन समिति के सचिव जगदीश चौपड़ा, हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (एचबीपीई) के अध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ आदित्य दहिया, डीसी उत्तम सिंह, सीपी शिवास कविराज, एडीसी सोनू भट्ट, बादशाहपुर एसडीएम संजीव सिंगला, संयुक्त निदेशक मानव मलिक एवं नीरज टुटेजा, उपनिदेशक देवेंद्र शर्मा, मेदांता अस्पताल के चेयरमैन एवं एमडी डॉ नरेश त्रेहान, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य तथा गणमान्य उपस्थित रहे।