पटौदी में गंदगी के बढ़ते ढेर और बीमारियां फैलने की आशंका, स्वच्छता अभियान बना जुमला

गंदगी के बढ़ते ढेर और बीमारियां फूटने की बढ़ती आशंका
भाजपा का स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत स्लोगन बन गया कथित जुमला
बढ़ते गंदगी के ढेर और बीमारियां रोकने की ने ठोस योजना न कोई रणनीति
हर घर तिरंगा की तर्ज पर हर गली मोहल्ला चंगा अभियान की जरूरत
फतह सिंह उजाला/पटौदी/गुरुग्राम, 21 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
दुनिया की सबसे बड़ी पॉलीटिकल पार्टी और इसके कद्दावर नेताओं के साथ-साथ रणनीतिकार के द्वारा नारा दिया गया स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत नया-नया स्लोगन और नारा भाजपा के अनगिनत पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के बीच कथित सेल्फी का भी क्रेज बनता चला गया। भाजपा के द्वारा सफाई अभियान को लेकर समय-समय पर अलग-अलग नाम से अपने सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने के लिए कार्यक्रम घोषित किए जाते रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम अपने निर्धारित समय के दौरान कितने दिन तक चलते हैं या चलाए जाते हैं यह बहस का विषय भी हो सकता है।
एक पखवाड़ा से नगर पालिका नगर निगम नगर परिषद दमकल विभाग के कर्मचारी की हड़ताल उनकी अपनी मांगों को लेकर जारी है। ऐसा संभव ही नहीं है कि स्थानीय चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निकाय कर्मचारी संघ की इस हड़ताल के विषय में कोई जानकारी अथवा भनक न हो। विपक्ष के लोगों का तो यहां तक कहना है कि आम जनता जनार्दन को भगवान स्वरूपी जनता कहने और पुकारने वाली चुनी हुई जनप्रतिनिधि के द्वारा शायद ही पिछले 15 दिन के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र या फिर पटौदी जाटोली मंडी परिषद के किसी गली मोहल्ले वार्ड में जाने की जरूरत महसूस की गई हो। कि भगवान स्वरूपी जनता बढ़ते गंदगी के देर में किस प्रकार से स्वस्थ रहने के लिए संघर्ष कर रही होगी।
पुराना पटौदी हेलीमंडी नगर पालिका क्षेत्र के अलावा पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा में शामिल नौ गांव में पिछले एक पखवाड़े के दौरान साफ सफाई व्यवस्था कैसी है ? और किस प्रकार लोगों को स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ रहने के मूलभूत अधिकार उपलब्ध हो रहे होंगे। भाजपा समर्थक जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने राजनीतिक आका के दरबार में हाजिरी लगाकर स्वयं और नेताजी को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। लोगों के मुताबिक मानसून का मौसम चल रहा है । उमस भरे माहौल में कूड़ा करकट गंदगी मैं पैदा होने वाले और बीमारियां फैलने वाले विभिन्न प्रकार के कीटाणु जीवाणु अपना काम लगातार करते हुए दिखाई भी नहीं देते। बीमारी में जकड़ा हुआ पीड़ित व्यक्ति जब डॉक्टर के पास पहुंचता है, तब पता लगता है कूड़ा करकट और कीटाणु जीवाणु की मार पड़ी है।
सबसे अधिक गंदगी और कूड़ा करकट के ढेर फास्ट फूड विक्रेताओं रोड साइड खाने-पीने की छोटी बड़ी दुकानों के आसपास देखने के लिए मिलते हैं। यहीं पर ही आवारा जानवर भी अपनी पसंद की खाने की चीज तलाश करते हुए मुंह मारते रहते हैं । लोगों का कहना ही नहीं लोगों की यह मांग है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद प्रशासन को विधायक विमला चौधरी यह आदेश और निर्देश दे कि जहां-जहां भी कूड़ा करकट गंदगी के ढेर हैं । वहां पर जरूरी दवाइयां-केमिकल का छिड़काव या फिर सप्रे युद्ध स्तर पर करना आरंभ किया जाए।