पटौदी जाटोली मंडी परिषद को नंबर एक बनाने के दावे फेल, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से लगे गंदगी के ढेर

पटौदी जाटोली मंडी परिषद को एक नंबर बनाने के दावे का पूरी तरह से दम निकल चुका है। परिषद चुनाव के समय दावेदारों ने ऐसे बड़े-बड़े दावे किए थे कि इंदौर भी फीका दिखाई देगा। जुलाई और अगस्त माह के दौरान हड़ताल में लगे बड़े-बड़े गंदगी के ढेर लग चुके हैं। अपने-अपने वार्ड और परिषद को चमकाने वाले पार्षद अब दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। पटौदी जाटोली मंडी परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यह रिपोर्ट फतह सिंह उजाला द्वारा पटौदी से भेजी गई है।
भाजपा के दावे और फोटो सेशन की हकीकत
दुनिया की सबसे बड़ी पॉलीटिकल पार्टी भारतीय जनता पार्टी को पार्टी कैडर और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन होने का दावा किया जाता है। राष्ट्रीय या फिर प्रदेश स्तर के किसी भी आयोजन, कार्यक्रम या अभियान को समर्पित कार्यकर्ता शिद्दत के साथ सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। यह बात अलग है कि अधिकांश मौके पर इस प्रकार के अभियान और आयोजन फोटो सेशन के बाद दम तोड़ते चले जाते हैं। पटौदी जाटोली मंडी परिषद का चुनाव लड़ने वाले समाजसेवी सुशील कुमार लालू का कहना है कि जो वायदे करके वोट लिए और अब पार्षद बन चुके हैं, ऐसे जनप्रतिनिधियों को अपनी जुबान की कीमत भी साबित करनी चाहिए।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और उलझी हुई पहेली
हरियाणा प्रदेश में अधिकांश भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार आम जनमानस की सेवा को समर्पित है। पटौदी जाटोली मंडी परिषद चुनाव के समय उम्मीदवार और विजेता दावेदारों के द्वारा डंके की चोट पर कहा गया था कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद देश का नंबर एक नगर परिषद होगा। यह होना भी चाहिए, लेकिन यह कब होगा, कैसे होगा, किस प्रकार से होगा और कौन करेगा, यह एक उलझी हुई पहेली बनकर सामने आ रहा है। इसका सीधा और सरल मुख्य कारण यही है कि पूरे हरियाणा प्रदेश के साथ ही पटौदी जाटोली मंडी परिषद में भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पिछले करीब 12 दिन से जारी है और यह हड़ताल 21 तारीख तक घोषित की जा चुकी है।
स्वच्छता अभियानों और पखवाड़ों की ज़मीनी स्थिति
कथित रूप से कुछ दिन पहले जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि के द्वारा मानेसर क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का श्री गणेश किया गया था। फोटो सेशन के बाद यह अभियान भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं के भरोसे छोड़ दिया गया। पुराना पटौदी नगरपालिका क्षेत्र, पुराना हेली मंडी नगरपालिका क्षेत्र और अब पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में शामिल नौ गांवों को मिलाकर लोगों के कहे मुताबिक सफाई व्यवस्था आम जनमानस के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। भाजपा सरकार के द्वारा जुलाई में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विशेष अभियान चलाया गया था। इसी प्रकार से अगस्त में भी 1 से 15 अगस्त तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया गया। आने वाले सितंबर और अक्टूबर महीने तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाना प्रस्तावित है। दुनिया की सबसे बड़ी पॉलीटिकल पार्टी, जिसके कार्यकर्ता और पदाधिकारी बूथ स्तर तक मौजूद हैं, अब सफाई और स्वच्छता की सबसे अधिक जरूरत के समय अपनी मस्ती में मस्त कहे जा सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों की सोशल मीडिया पर सक्रियता और जमीनी गायबपन
कुछ महीने पहले तक ताजा-ताजा जनप्रतिनिधि और पटौदी जाटोली मंडी परिषद के पार्षद चुने गए जनप्रतिनिधियों के द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे समय के साथ जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि, जिनके द्वारा दावे और वादे किए गए थे कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद देश का नंबर एक परिषद होगा, वह भी अब अंतरध्यान होते दिखाई दे रहे हैं। हां, लोगों के कहे मुताबिक सोशल मीडिया पर या व्हाट्सएप ग्रुप में अवश्य जनप्रतिनिधियों में से कुछ को सबसे अधिक एक्टिव देखा जा सकता है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कितना लंबा समय और चल सकती है, यह भविष्य के गर्भ में है।
जनता का मौलिक अधिकार और पार्षदों की जिम्मेदारी
आम जनमानस को स्वच्छ और शुद्ध वातावरण के साथ-साथ कूड़ा करकट की बदबू से छुटकारा दिलवाने की पहल करनी चाहिए। स्वस्थ रहने के मौलिक अधिकार की रक्षा करना भी जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सामाजिक, राजनीतिक धर्म और कर्म दोनों ही है। अब देखना यही है कि कर्मचारियों की घोषित 21 अगस्त तक की हड़ताल से पहले पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र के किस-किस वार्ड में कौन-कौन पार्षद या जनप्रतिनिधि नए सिरे से स्वच्छता अभियान की पहल कर दूसरे सहयोगी पार्षदों को भी इसके लिए मजबूर करने की हिम्मत दिखा सकेगा।