गुरुग्राम के पटौदी जाटोली मंडी परिषद में ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटरों का अनिश्चितकालीन धरना, 4 साल से नहीं मिला वेतन

- सरकार और पटौदी जाटोली मंडी परिषद के पास सैलरी भुगतान को पैसे नहीं हैं।
- परिषद सीमा क्षेत्र में ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर को 4 साल से वेतन भुगतान नहीं किया गया है।
- सरकारी विभागों और अधिकारियों को अपने ही ऑफिस पर भरोसा नहीं रहा है।
- ग्रामीण जलकर्मी संघ के बैनर तले ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर का धरना आरंभ हो गया है।
फतेह सिंह उजाला पटौदी से खबर देते हैं कि निकाय सफाई कर्मचारी यूनियन की हड़ताल अपनी मांगों को लेकर सितंबर महीने में प्रवेश करते हुए 3 सितंबर तक घोषित कर दी गई है। इसी बीच हरियाणा के खजाने में सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिला गुरुग्राम के पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र के ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर ने भी मोर्चा खोल दिया है। ये सभी ऑपरेटर अपने वेतन के लिए अनिश्चितकालीन धरना आरंभ कर चुके हैं। पिछले 4 वर्ष से ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर बिना वेतन के ही काम करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
6 महीना या साल भर के विपरीत 4 वर्ष तक वेतन भुगतान जैसे संवेदनशील मामले को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि शायद सरकार और पटौदी जाटोली मंडी परिषद के पास वेतन भुगतान के लिए पैसे ही नहीं हैं। सोमवार को ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के बैनर तले परिषद के ग्रामीण इलाके के एक दर्जन के करीब ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों के द्वारा अपना अनिश्चितकालीन धरना परिषद कार्यालय के निकट शहीद स्मारक के सामने आरंभ कर दिया गया है।
ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश कुमार बेनीवाल और उपाध्यक्ष धर्मदत्त के नेतृत्व में यूनियन के सदस्यों के द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में तथा सरकार विरोधी नारे पटौदी जाटोली मंडी परिषद कैंपस में पहुंचकर लगाए गए। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्हें उनके मेहनताना अथवा वेतन भुगतान से वंचित रखा जा रहा है। यह अपने आप में एक गंभीर विचारणीय प्रश्न है कि मौजूदा महंगाई के दौर में महीना-दो महीना ही बिना वेतन के घर का खर्च चलाना महाभारत हो जाता है और यहां हरियाणा सरकार तथा संबंधित विभाग 4 साल से ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर की मेहनत और उनके वेतन पर कुंडली मारे बैठे हैं।
कर्मचारियों ने यह ठान लिया है कि वेतनमान का भुगतान नहीं होने तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। यदि शासन, प्रशासन, सरकार और संबंधित विभाग की अनदेखी ऐसी ही बनी रही तो पीड़ित और दुखी कर्मचारी कठोर से कठोर और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। 28 अगस्त 2022 को पटौदी जाटोली मंडी परिषद में शामिल गांवों के 12 ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर परिषद में समायोजित किए गए थे। इससे पहले यह कर्मचारी बीडीपीओ पटौदी के मातहत कार्यरत थे और संबंधित विभाग तथा अधिकारी के द्वारा वेतन का भुगतान बिना किसी बड़ी परेशानी के होता आ रहा था।
25 मई 2023 को बीडीपीओ कार्यालय पटौदी के द्वारा पत्र क्रमांक 543 के मुताबिक वेतन सहित उपरोक्त जल कर्मियों का रिकॉर्ड नगर परिषद प्रशासन को सौंप दिया गया था। इसके बाद से ही इन ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों के सामने अपनी मेहनत और वेतन भुगतान की समस्या का कोई समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है। कर्मचारी नेताओं और पीड़ित कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि उपरोक्त कर्मचारियों को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय द्वारा सितंबर 2022 तक वेतन का भुगतान आरईएमएस पोर्टल से आई सैलरी के माध्यम से किया जाता रहा था।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी उप मंडल पटौदी को इस कार्यालय के पत्र क्रमांक एमसीपीजेएम/ 2023/पी/ 829 - 840, 13 फरवरी 2023 और पत्र क्रमांक एमसीपीजेएम/एम/ 2690, 14 अक्टूबर 2024 के द्वारा संबंधित ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर को वेतन भुगतान किए जाने का अनुरोध भी किया जा चुका है। इसके बावजूद भी इस प्रकार के महत्वपूर्ण आदेश और निर्देश पर संबंधित विभाग और अधिकारियों के द्वारा अमल नहीं किया जाना सरकारी सेवा नियमों की अनदेखी करना ही है। कर्मचारियों ने अपने हक-हकूक और बकाया वेतनमान जल्द से जल्द उपलब्ध करवाए जाने के लिए पटौदी जाटोली मंडी परिषद के विशेष रूप से अपने-अपने ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित पार्षदों से भी सहयोग मांगते हुए आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की है।