एमएलए साहिबा बिमला चौधरी , बंद पड़े ट्यूबल ही चलवा दीजिए

एमएलए साहिबा बिमला चौधरी , बंद पड़े ट्यूबल ही चलवा दीजिए
पटौदी जाटोली मंडी परिषद में पानी कम और नहीं आने के मैसेज ज्यादा आते
एक ही पार्टी की सरकार , एक ही इलाका और पानी आपूर्ति व्यवस्था भिन्न
पीने का पानी आम इंसान के लिए जीवन की मूलभूत जरूरत
वेतन के अभाव में परिषद के नौ गांव के पंप ऑपरेटर धरने पर बैठे
पटौदी / हेलीमंडी।फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम, /02 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
एमएलए साहिबा जी, भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं का दावा है बिना किसी भेदभाव के एक समान काम हो रहे हैं। सरकार संगठन और नेताओं के मुताबिक यह दावे को कोई चैलेंज नहीं कर सकता। लेकिन एमएलए साहिबा जी आपके ही अपने निर्वाचन क्षेत्र पटौदी हलके पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति में कथित भेदभाव अपने आप में सवाल बनता जा रहा है ।
कोई तकनीकी खराबी, बिजली का फाल्ट, मोटर खराब होना, बादली में बताया जाता है। इसका सबसे बड़ा साइड इफेक्ट आपके निर्वाचन क्षेत्र पटौदी के पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों पर सीधा पड़ता है। इसका कारण है जलापूर्ति विभाग के द्वारा एक छोटा सा मैसेज के बादली में फॉल्ट है, पटौदी जटौली हेली मंडी टोडापुर में पानी की आपूर्ति नहीं होगी । इस प्रकार के मैसेज नियमित अंतराल पर विभाग के कर्मचारी और अन्य लोगों के द्वारा बनाए गए मोबाइल ग्रुप मैं शेयर होते रहते हैं। कई बार तो 36 से 48 घंटे तक पीने का पानी आपूर्ति ही नहीं हो पाती है। सवाल यह है आम जनता या इंसान के जीवन की मूलभूत जरूरत पानी ही नहीं मिलेगा, तो उसकी दिनचर्या कितनी प्रभावित होगी ? यह अपने आप में गंभीर सवाल है।
थोड़ा और गहराई से देखें तो परिषद सीमा क्षेत्र में शामिल विभिन्न गांव के ट्यूबल पंप ऑपरेटर को 4 साल से वेतन नहीं मिलने के कारण यह कर्मचारी भी अब अपनी मांगों को लेकर धरना मोर्चा खोलने के लिए मजबूर हो गए। सफाई और दमकल विभाग के कर्मचारियों की तरह यदि उनके द्वारा भी हड़ताल घोषित कर दी जाए, तो पीने के आपूर्ति का क्या वैकल्पिक व्यवस्था है ? इस विषय पर भी कोई गंभीरता से कभी मंथन या विचार किया गया, इसका जवाब शायद नहीं नहीं होगा ? परिषद के कुछ पार्षदों के द्वारा जब जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से बंद ट्यूबल आरंभ किए जाने का अनुरोध किया गया तो ट्यूबवेल चलाई जाने की परमिशन नहीं दी गई। बड़ी हैरानी की बात है जीवन की मूलभूत जरूरत पीने के पानी की व्यवस्था की भी मंजूरी नहीं मिल रही।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में पटौदी हेली मंडी और जाटोली के अलावा साथ लगते कुछ व में बूस्टर से पानी आपूर्ति की व्यवस्था की गई है । लेकिन एक सवाल और यह भी है कि विभाग ऐसा भेदभाव सहित मेहरबानी किस कारण से कर रहा है कि कुछ सिलेक्टेड वाटर सप्लाई ही नियमित रूप से चल रही है ? जो कि लोगों की नजरों में सरकार और विभाग के द्वारा सीधा-सीधा भेदभाव माना जा रहा है । यह भेदभाव क्यों और किस कारण से है , इसका जवाब भी विधायक जी आपको संबंधित विभाग और अधिकारियों से तलब करना चाहिए। इसी कड़ी में क्षेत्र के अनेक लोगों का विनम्र अनुरोध है कि भगवान स्वरूपी जनता के दिए हुए अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में बंद अथवा अवरुद्ध पड़ी हुई सभी वाटर सप्लाई को समयबद्धू समय सीमा में आरंभ करवा कर लोगों की समस्या का स्थाई समाधान करने की पहल करें।
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