पटौदी निकाय सफाई कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर, विरोध दर्ज किया
निकाय सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को आज एक महीना पूरा हुआ
पटौदी जाटोली मंडी परिषद, फरुखनगर, मानेसर के कर्मचारी पहुंचे मुख्यालय
दमकल कर्मचारी और ग्रामीण जलकर्मी भी मांगों को लेकर मोर्चा खोले हुए
फतह सिंह उजाला /पटौदी / मानेसर /05 सितंबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
सरकार की तरफ से कर्मचारी हित और कर्मचारियों की मांग पूरी किया जाने के विषय में लगातार विभिन्न प्रकार से सूचनाओं अथवा जानकारी दी जा रही है। लेकिन निकाय सफाई कर्मचारी को सरकार की इन घोषणाओं पर संभावत बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा है। यही कारण है कि शनिवार को नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम के सफाई कर्मचारी और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल को एक महीना पूरा हो गया । अब इसी कड़ी में पटौदी जाटोली मंडी परिषद के शामिल किए गए गांव के ट्यूबल पंप ऑपरेटर भी अपनी 4 साल की बकाया वेतन की भुगतान की मांग को लेकर सरकार और परिषद के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद जॉन एक और दो के सफाई कर्मचारी नेताओं में शामिल प्रधान ओमप्रकाश , उप प्रधान मोनू कुमार,सचिव देवेंद्र कुमार, कैशियर मोनू, रामनिवास, लालाराम ,बसंत कैलाश, संजय , सभी साथियों के साथ शनिवार को गुरुग्राम जिला मुख्यालय पर पहुंचे। बताया गया है उनके साथ में फरुखनगर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी और मानेसर निगम के भी सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जिला मुख्यालय पर निकाय सफाई कर्मचारियों ने सरकार की कथित वादा खिलाफी और अपनी मांगों के समर्थन में मुंडन करवा कर अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज करवाया । कर्मचारी नेताओं ने इशारे इशारे में कहा कि मुंडन क्यों और कब करवाया जाता है? यह सभी को मालूम है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की संवेदनाएं मर चुकी है। एक दिन पहले ही फरुखनगर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के द्वारा भी मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर अपना विरोध दर्ज करवाया गया। इतना ही नहीं कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की तथा पालिका कार्यालय परिसर में कूड़ा करकट भी लाकर उड़ेल दिया।
कर्मचारियों का साफ-साफ कहना है कि सरकार के द्वारा जिस प्रकार का डर और भय दिखाया जा रहा है ,कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरी तरह से अडिग है । सरकार और कर्मचारी यूनियन नेताओं के बीच जो कुछ भी बातचीत अथवा समझौते हुए हैं ,उनको ऐसे कि ऐसे लागू कर कर्मचारियों को उनका पूरा लाभ उपलब्ध करवाया जाए। इसी कड़ी में पैरोल पर काम करने वाले दमकल कर्मचारी का भी कहना है कि सरकार उनकी लंबित मांगों पर सहानुभूति सहित गंभीरता पूर्वक विचार करें । कर्मचारियों की मांग किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत हित में नहीं होकर कर्मचारियों के समूह के हित की मांगे हैं।
इसी कड़ी में पटौदी जाटोली मंडी परिषद के गांव के ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर भी अपनी चार वर्ष से बकाया अथवा लंबित वेतन के भुगतान की मांग को लेकर 31 अगस्त से मोर्चा खोले हुए हैं । अब देखना यह है कि सरकार के द्वारा आम जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए आंदोलनकारी कर्मचारियों और यूनियन नेताओं से किस प्रकार संवाद कर राहत उपलब्ध करवाने की पहल की जाती है। इधर कर्मचारी और कर्मचारी नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार के द्वारा आंदोलनकारी तथा हड़ताली कुछ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किया जाने से आंदोलनकारी कर्मचारियों की एकता और अधिक मजबूत बनेगी।