पटौदी में मानसून के दौरान शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग के लिए बनी बड़ी चुनौती

मानसून सीजन और सावन के महीने में बरसाती जलभराव के बीच शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पिछले चार-पांच दिनों में ही पटौदी तहसील क्षेत्र में करीब 100 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है। दो दिन पहले हुई 61 मिलीमीटर बरसात के बाद पानी की निकासी न होने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
दूषित पेयजल आपूर्ति और जलभराव की समस्या
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के शहरी क्षेत्रों में विभिन्न इलाकों से दूषित और बदबूदार पेयजल आपूर्ति की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसका मुख्य कारण बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज और नालों की नियमित सफाई न होना है। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर कूड़ा-करकट भी पड़ा रहता है, जो बरसात होते ही पानी के साथ मिलकर स्वच्छ पानी को दूषित कर देता है। लोगों की शिकायतों के अनुसार कई जगहों पर पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन भी लीकेज पाई गई हैं।
जल गुणवत्ता की जांच और विभाग की जिम्मेदारी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता की जांच करना जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए प्राथमिकता भी है। लंबे समय से ऐसी कोई सूचना सामने नहीं आई है कि कितने स्थानों से पेयजल के सैंपल भरे गए और उनमें से कितने शुद्ध या अशुद्ध पाए गए। गंदे पानी के सेवन से गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है, इसलिए स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मानसून के दौरान शुद्ध पेयजल आपूर्ति को गंभीरता से सुनिश्चित करे।