पटौदी में नगरपालिका कर्मचारी संघ ने परिषद चेयरमैन को सौंपा ज्ञापन, सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

पटौदी जाटोली मंडी परिषद कार्यालय में सोमवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की ओर से परिषद अध्यक्ष प्रवीण ठाकरिया को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि हरियाणा प्रदेश के अंदर सफाई कर्मचारियों और सीवर कर्मचारियों का शोषण चरम सीमा पर पहुंच चुका है।
ठेकेदारों के अधीन कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, श्रम कानून का लाभ तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं तक उचित रूप से उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी के पदों पर नियमित भर्तियां की गई हैं, लेकिन सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। दूसरी तरफ सरकार द्वारा 30 जून 2022 से सरकारी विभागों के कार्यों से ठेका प्रथा समाप्त करने की घोषणा किए जाने के बावजूद भी, सफाई एवं सीवर के कार्यों में आज तक ठेका प्रथा लगातार जारी है। यह स्थिति सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के साथ सामाजिक और आर्थिक भेदभाव का एक बहुत गंभीर विषय है।
इसी मौके पर कर्मचारी नेता राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और प्रदेश महासचिव मगेराम ने संयुक्त रूप से कहा कि पालिका एवं अग्निशमन विभाग के समस्त कर्मचारी अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। सरकार ने 13 मई 2026 को नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के साथ एक समझौता करते हुए कुल 17 मांगों पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। इन प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करना, अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मचारियों रणबीर एवं भवी चन्द के आश्रितों को सरकारी नौकरी देना, प्रत्येक परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करना और भविष्य में ड्यूटी के दौरान किसी भी अग्निशमन कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी देना तथा अन्य कई मांगें शामिल थीं।
कर्मचारी नेताओं ने बहुत बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस आपसी समझौते के बावजूद भी सरकार द्वारा सहमति बनी हुई मांगों को जमीन पर लागू नहीं किया गया है। सरकार के इसी गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पालिका एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को एक बार फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश के सभी पालिका परिषद, नगर निगम एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की तरफ से यह पुरजोर अपील की जा रही है कि मेहनत करने वाले इन सफाई और सीवर कर्मचारियों की सभी मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करवाया जाए।
कर्मचारी नेताओं ने अपनी विभिन्न मांगों के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सभी पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों के अंदर क्षेत्रफल तथा आबादी के आधार पर सीवरमैन, हैड सीवरमैन, बेलदार, मैशन, रोडगेज, गाली, क्लर्क, ड्राइवर, ट्यूबवेल हेल्पर, पालक, इलेक्ट्रीशियन, जेई, चौकीदार, बिल डिस्ट्रीब्यूटर, चपरासी, टिप्पर ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर, सफाई कर्मचारी, सफाई दरोगा, सहायक सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, चीफ सैनेटरी इंस्पेक्टर, सैनिटेशन हेल्थ ऑफिसर, असिस्टेंट कमिश्नर, सैनिटेशन एंड हेल्थ ऑफिसर तथा अन्य सभी ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी के कर्मचारियों के नए पद सृजित किए जाएं और इन सभी पदों पर निष्पक्ष तरीके से पक्की भर्तियां की जाएं।