पटौदी जाटोली मंडी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी गंदगी और बीमारियां, जनप्रतिनिधियों की असंवेदनहीनता पर उठे सवाल

हड़ताल से निकला सवाल
... जनप्रतिनिधियों की चरम पर पहुंची असंवेदनहीनता की पराकाष्ठा !
कब करवाई जाएगी फॉगिंग और गंदगी की बदबू पर काबू के लिए सप्रे
निकाय सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को सड़क पर उतर किया प्रदर्शन
बरसात के बाद बदलते मौसम और बीमारियां बनती आ रही चुनौती
पटौदी /हेली मंडी/फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम, 29 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधित नारे अथवा स्लोगन केवल और केवल प्रचार के दायरे में ही सुंदर तथा आकर्षित लगते हैं । पटौदी जाटोली मंडी परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बढ़ती गंदगी और असहनीय बदबू के साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियां आम जनमानस के लिए चुनौती बनती जा रही है। बुजुर्ग और कम आयु बच्चों को बीमारियां सबसे अधिक और पहले अपनी चपेट में लेती जा रही है। शहर को स्वच्छ रखने और आम जनमानस को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाने का जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का कर्म और धर्म दोनों ही है। स्वच्छ वातावरण शुद्ध पर्यावरण स्वस्थ रहना यह जनप्रतिनिधियों सहित आम लोगों का भी मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। इस प्रकार के अधिकार की रक्षा करना चुने गए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और जवाब देही से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
शनिवार को पटौदी जाटोली मंडी परिषद के सफाई कर्मचारियों के द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतर कर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। इस मौके पर ओमप्रकाश, युवराज, भोलू ,शीला, भतेरी, रानी, रजवंती, मोनू, संजय, सतपाल ,गुलाब, सुनील कुमार, लालाराम, रामनिवास, राजबाला, रमेश ,कृष्णा, माया ,रेखा, सुनीता, सोमा सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। हड़ताली प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारी हाथों में झाड़ू लहराते हुए सरकार विरोधी नारे लगाकर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते रहे। सफाई कर्मचारियों का साफ-साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगे सरकार के द्वारा किए गए समझौते के मुताबिक पूरी नहीं की जाती उनकी यह हड़ताल यूनियन के निर्देश अनुसार जारी रहेगी।
गंदगी और बदबू के साथ ही बीमारियों को देखते हुए परिषद का चुनाव लड़ चुके सुशील कुमार लालू, पूर्व वाइस चेयरमैन विक्रांत चौहान, पूर्व पार्षद इमरान, एफएस सैनी, रवि, नरेंद्र, कैलाश सहित अन्य के द्वारा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। इनका कहना है कि जिस प्रकार के हालात हड़ताल और गंदगी को लेकर बने हुए हैं। उसे देखते हुए लगता है कि जनप्रतिनिधियों के बीच में असंवेदनहीनता को लेकर एक प्रकार से प्रतियोगिता या फिर होड़ चली हुई है । विभिन्न प्रकार के मच्छर और कीट पतंगे भी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं।
ऐसी भी क्या मजबूरी हो गई है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद प्रशासन और पार्षदों के द्वारा प्रभावित क्षेत्र या इलाकों में फागिंग और सप्रे तक नहीं करवाया जा रहा है ? सरकार, शासन प्रशासन और अधिकारियों को मामले की गंभीरता ध्यान में रखते हुए बिना समय गवाए हुए संपूर्ण पटौदी जाटोली मंडी परिषद के शहरी और देहात के इलाके में होगी और सप्रे करवाना चाहिए।