पटौदी जाटोली मंडी परिषद के ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों ने 4 साल से वेतन न मिलने पर पार्षदों से मांगा समर्थन

सैलरी का संघर्ष
परिषद ग्रामीण नलकूप पंप ऑपरेटर ने परिषद पार्षदों से मांगा समर्थन
परिषद वाइस चेयरमैन सहित चार पार्षद परिषद शामिल गांव के मूल निवासी
परिषद के विभिन्न नौ गांव में 22 ट्यूबवेल और एक दर्जन पंप ऑपरेटर
परिषद के गांव के ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर को 4 वर्ष से वेतन भुगतान नहीं
वेतन भुगतान के लिए परिषद की आपात बैठक बुलाकर प्रस्ताव पास करें
फतह सिंह उजाला/पटौदी।/गुरुग्राम, /07 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
प्राइवेट सेक्टर हो या फिर कोई सरकारी विभाग। आखिर कोई कर्मचारी कितने लंबे समय तक बिना वेतन भुगतान के काम कर सकता है या फिर बिना वेतन भुगतान के काम करवाया जा सकता है ? यह निश्चित ही बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय होने के साथ-साथ बहस का मुद्दा भी हो सकता है। पटौदी जाटोली मंडी परिषद में शामिल साथ लगते नो गांव के ट्यूबल पंप ऑपरेटर के द्वारा 4 वर्ष से बकाया अपने वेतन के भुगतान के लिए परिषद के ही वाइस चेयरमैन सहित चार पार्षदों से समर्थन मांगा है। ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के बैनर तले ग्रामीण ट्यूबल पंप ऑपरेटर पटौदी जाटोली मंडी परिषद जॉन दो हेली मंडी कार्यालय के सामने 31 अगस्त से मोर्चा खोल धरना दिए हुए हैं।
ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के उप प्रधान धर्मदत ,जय किशन, तेजू, सुभाष, सुरेंद्र, देवेंद्र, श्री भगवान सहित अन्य ने सीधे-सीधे कहा है कि विभागीय पत्राचार के उपरांत नियोक्ता पटौदी जाटोली मंडी परिषद को बताया गया है । तकनीकी रूप से परिषद का गठन होने और परिषद में शामिल होने के बाद संबंधित गांव के ट्यूबल पंप ऑपरेटर को मासिक वेतन का भुगतान परिषद प्रशासन के द्वारा किया जाना है। लेकिन विभिन्न स्तर पर अधिकारियों के समक्ष मांग रखने और पत्राचार किया जाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। 4 वर्ष तक बिना वेतन का भुगतान किये और लिए कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट बना हुआ है । बाजार से उधार मिलना भी बंद हो चुका है । बच्चों की पढ़ाई और बीमारी में इलाज करवाने और अन्य पारिवारिक कार्यों के लिए पैसे की व्यवस्था करने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के आंदोलनकारी ग्रामीण ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर का कहना है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन तथा अन्य सभी पार्षद हाउस की आपात बैठक बुलाकर कर्मचारी का 4 वर्ष का बकाया वेतन भुगतान के लिए सर्व समिति से प्रस्ताव पास कर संबंधित अधिकारियों और हरियाणा सरकार सहित विभाग के मंत्रियों तक भिजवाने की पहल करें। पटौदी जाटोली मंडी परिषद के वाइस चेयरमैन अमित शर्मा, पिंकी चौहान, अनिल कुमार और कुलदीप सिंह परिषद सीमा में शामिल गांव के ही मूल निवासी हैं। ऐसा भी नहीं है कि गांव के मूल निवासी परिषद पार्षद पंप ऑपरेटर के बकाया अथवा लंबित वेतन भुगतान के मामले से अनजान हो ? जिस प्रकार का गंभीर आर्थिक संकट झेलते हुए संबंधित पार्षदों के गांव में पानी की आपूर्ति को सुचारु रखा गया है ,यह कर्मचारियों की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी कि जिंदा मिसाल है।
डीएमसी के पाले में वेतन भुगतान की गेंद
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के ग्रामीण इलाके के आंदोलनकारी ट्यूबल पंप ऑपरेटर के लंबित अथवा बकाया वेतन भुगतान की गेंद पूरी तरह से डीएमसी के पाले में है। यूनियन के राज्य प्रधान मुनेश कुमार बेनीवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल के द्वारा एक सप्ताह पहले डीएमसी से मुलाकात कर इस संवेदनशील और गंभीर विषय में जानकारी देते हुए मांग पत्र दिया गया। इसके बाद डीएमसी के द्वारा कर्मचारियों को एक सप्ताह में समस्या का समाधान सहित कथित रूप से लंबित वेतन भुगतान का सकारात्मक आश्वासन दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मंगलवार को डीएमसी के द्वारा दिया गए आश्वासन की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। उम्मीद है कि पंप ऑपरेटर परिवारों की गंभीर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोई ना कोई ठोस समाधान अवश्य किया जाएगा।