डाइट डिंग में पीजीटी केमेस्ट्री शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, नरेश नरूला ने दी अहम सीख

सिरसा जिले के डाइट डिंग में पीजीटी केमेस्ट्री के शिक्षकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया है। एससीईआरटी हरियाणा के निर्देशानुसार और जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा एवं डाइट डिंग के प्राचार्य सुभाष फुटेला के निर्देशन में यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इस कार्यक्रम में नियमित एवं अतिथि पीजीटी केमेस्ट्री के शिक्षकों ने भाग लिया। डाइट प्रवक्ता डॉ. विनोद भट्टू ने इस बात की जानकारी दी है।
डाइट प्रवक्ता डॉ. विनोद भट्टू ने बताया कि यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया, आईएफआईसी विंग प्रभारी नरेश नरूला तथा प्रशिक्षण समन्वयक एवं डाइट विषय विशेषज्ञ सतपाल सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के अंतिम दिन के प्रथम सत्र में डाइट विषय विशेषज्ञ राकेश मोहन ने पाठ योजना निर्माण विषय पर सभी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इसके बाद डाइट विषय विशेषज्ञ डॉ. मनोज पुरी एवं डॉ. राजेश खुराना ने मिलकर एक संयुक्त सत्र लिया। इस संयुक्त सत्र का विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरण ओवरलीफ था। उन्होंने इस उपकरण की शैक्षणिक उपयोग से जुड़ी सभी जानकारियां शिक्षकों को दीं।
प्रशिक्षण में रसायन विज्ञान का भय दूर करने पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र के दौरान डाइट विषय विशेषज्ञ चंद्र प्रकाश शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उनका मुख्य विषय रसायन विज्ञान के प्रति भय दूर करने की रणनीतियां था। उन्होंने विद्यार्थियों के मन से रसायन विज्ञान के प्रति भय और झिझक को पूरी तरह दूर करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने इस विषय को और अधिक सरल तथा रोचक बनाने की प्रभावी रणनीतियों पर विशेष प्रकाश डाला। तृतीय सत्र में सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त किए गए अपने अनुभव और सीख पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद सभी ने अपने-अपने विचार आपस में साझा किए।
कक्षा-कक्ष में नवीन शिक्षण तकनीकों के उपयोग का आह्वान
समापन अवसर पर डाइट आईएफआईसी विंग प्रभारी नरेश नरूला ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता तभी साबित होती है जब इसमें प्राप्त ज्ञान का उपयोग किया जाए। नवीन शिक्षण तकनीकों का प्रभावी उपयोग शिक्षकों को अपने कक्षा-कक्ष में करना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों से यह आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझें। शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित और नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने इस प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समापन के दौरान सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण से जुड़ी प्रतिक्रिया भी ली गई। समग्र रूप से पीजीटी रसायन विज्ञान के लिए आयोजित यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी प्रशिक्षणार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। यह कार्यक्रम पूरी तरह से संवादात्मक और व्यावहारिक साबित हुआ है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के व्यावसायिक विकास में काफी मददगार होगा। साथ ही यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को सुदृढ़ करने में भी बेहद उपयोगी साबित होगा। इस बात की जानकारी आईएफआईसी विंग डाइट डिंग सिरसा के विषय विशेषज्ञ चंद्र प्रकाश शर्मा ने दी है।