पिहानी आईटीआई: स्वतंत्रता दिवस पर गंदगी, प्रधानाचार्य अनुपस्थित

पिहानी आईटीआई: स्वतंत्रता दिवस पर गंदगी, प्रधानाचार्य अनुपस्थित

स्वतंत्रता दिवस पर आईटीआई में गंदगी का अंबार, प्रधानाचार्य रहे गैरहाजिर

राष्ट्रीय पर्व पर साफ-सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रधानाचार्य की गैरमौजूदगी भी बनी चर्चा का विषय

पिहानी / 15 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /नवनीत कुमार रामजी

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स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जहां शिक्षण संस्थानों में साफ-सफाई, अनुशासन और देशभक्ति का माहौल नजर आना चाहिए, वहीं आईटीआई परिसर में गंदगी का अंबार दिखाई दिया। परिसर में समुचित साफ-सफाई न होने से संस्थान की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए। राष्ट्रीय पर्व पर प्रधानाचार्य की गैरमौजूदगी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

प्रधानाचार्य अनिल कुमार की अनुपस्थिति में संस्थान के फोरमैन अरविंद कुमार द्विवेदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। राष्ट्रीय पर्व पर प्रधानाचार्य के मौजूद न रहने को लेकर लोगों में चर्चाएं होती रहीं। वहीं, परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल होने से भी सवाल उठे कि जब संस्थान में राष्ट्रीय पर्व की तैयारियां होती हैं तो सफाई व्यवस्था को लेकर पहले से इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

प्रधानाचार्य ने बताई गैरमौजूदगी की वजह

इस संबंध में आईटीआई के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने बताया कि उनकी माता जी की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण वह स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति किसी लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते रही।

संस्थान में सफाईकर्मी की तैनाती ही नहीं

सफाई व्यवस्था के सवाल पर प्रधानाचार्य ने संस्थान की व्यवस्थागत समस्या सामने रखी। उन्होंने कहा कि आईटीआई में किसी सफाईकर्मी की स्थायी तैनाती नहीं है। जरूरत पड़ने पर निजी सफाईकर्मी बुलाकर परिसर की सफाई करानी पड़ती है। उनका कहना है कि संस्थान में व्यवस्थाओं की कमी केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां तक कि पीने के पानी के लिए भी कर्मचारियों को स्वयं पानी भरकर व्यवस्था करनी पड़ती है।

प्रधानाचार्य के इस बयान से यह सवाल भी सामने आता है कि यदि किसी सरकारी शिक्षण संस्थान में नियमित सफाईकर्मी की तैनाती नहीं है तो परिसर की नियमित स्वच्छता व्यवस्था किस जिम्मेदारी के तहत सुनिश्चित की जा रही है। खासकर राष्ट्रीय पर्व जैसे अवसरों पर संस्थान की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

विद्यार्थियों पर पड़ता है असर

आईटीआई जैसे तकनीकी शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। ऐसे में परिसर की स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय पर्व के दिन परिसर में गंदगी दिखाई देना निश्चित रूप से व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग संस्थान में नियमित सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए क्या कदम उठाता है।

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