प्रलेस हरियाणा का राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन संपन्न, डॉ. रामेश्वर दास बने अध्यक्ष

प्रलेस हरियाणा का राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन संपन्न, डॉ. रामेश्वर दास बने अध्यक्ष

अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) हरियाणा राज्य इकाई का राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन कुरुक्षेत्र में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन के दौरान आगामी तीन वर्षों के लिए नई राज्य कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया। नव-निर्वाचित कार्यकारिणी में डॉ. रामेश्वर दास को अध्यक्ष, परमानंद शास्त्री को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा को महासचिव चुना गया है। सम्मेलन में राज्य भर से प्रलेस और सम-वैचारिक संगठनों के सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का मनोनयन

इस सम्मेलन में कार्यकारिणी के अन्य पदों पर भी महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गईं। डॉ. अनिल ख़्याल अत्री, भगवंत सिंह सेठी और राजिंदर कौर को उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही, अरवेल सिंह विर्क, डॉ. कुलविंदर सिंह पदम तथा डॉ. करनैल चंद को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। वित्त सचिव के रूप में प्रो. गुरदेव सिंह देव और अनीश कुमार का चयन किया गया। संगठन सचिव के पद पर प्रो. एस जेड एच नक़वी, डॉ. अतुल यादव और डॉ. शेर चंद को मनोनीत किया गया। प्रैस सचिव की जिम्मेदारी डॉ. गुरप्रीत सिंह सिंधरा और यादविंदर सिंह को दी गई।

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कार्यकारिणी सदस्य और सलाहकार मंडल का गठन

कार्यकारिणी में कई अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया है जिनमें गुरतेज सिंह बराड़, रमेश शास्त्री, कृष्ण अवतार सूरी, डॉ. कुलदीप सिंह बारना, मुख्त्यार सिंह चट्ठा, डॉ. हरमीत कौर, डॉ. हरविंदर कौर, बलजीत कौर, गीता गीतांजलि, डॉ. मीना नवीन, प्रो. दिलराज सिंह, सुरेश बरनवाल, सरबजीत सिंह, डॉ. बलविंदर सिंह, अमनदीप सिंह, डॉ. जोगिंदर सिंह अंबाला, नरेश कुमार, विनोद कुमार और नवनीत सिंह रेणू शामिल हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी बख़्शी कानूनी सलाहकार की जिम्मेदारी निभाएंगे। सुरिंदर सिंह ओबरॉय, प्रो. अमृत लाल मदान, डॉ. रतन सिंह ढिल्लों, कॉ. स्वर्ण सिंह विर्क, डॉ. अशोक भाटिया और प्रो. हरभगवान चावला को संरक्षणमंडल में रखा गया है। इकाई को और सशक्त बनाने के लिए डॉ. पाल कौर, डॉ. अमरजीत सिंह 'अरपन' और तनवीर जाफरी का अध्यक्षमंडल भी गठित किया गया।

सम्मेलन के अतिथियों और वक्ताओं के विचार

वरिष्ठ सदस्यों सुरिंदर सिंह ओबरॉय, डॉ. रतन सिंह ढिल्लों, कॉ. स्वर्ण सिंह विर्क, डॉ. अशोक भाटिया, डॉ. पाल कौर व जनवादी लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जय पाल की अध्यक्षता में यह सम्मेलन संपन्न हुआ। प्रलेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि प्रलेस पंजाब इकाई के महासचिव डॉ. कुलदीप सिंह दीप विशिष्ट अतिथि रहे। सम्मेलन के प्रथम सत्र में 'हरियाणा की बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय चेतना' पर सेवानिवृत्त आईएएस अशोक गर्ग ने मुख्य वक्ता के तौर पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की संस्कृति बहुरंगी है और संघर्षशील व्यवहार इसकी मुख्य पहचान है, जिसके कारण यहाँ सामंतवादी दबाव कभी हावी नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी बल दिया कि पाखंड विरोधी स्वभाव के कारण यहाँ की संस्कृति धर्मभीरुता से मुक्त रही है।

बहुलतावादी संस्कृति और लेखकों का दायित्व

इस विमर्श को आगे बढ़ाते हुए प्रो. सुभाष सैनी ने कहा कि हरियाणा की संस्कृति मध्यकालीन भक्तिधारा के संतों से प्रभावित है और यह क्षेत्र सूफी परंपरा का प्रवेश द्वार रहा है। उन्होंने वर्तमान में बहुलतावादी प्रवृत्ति को नष्ट करने के प्रयासों के खिलाफ संगठित प्रयास करने का आह्वान किया। इस चर्चा में डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा, डॉ. कुलदीप सिंह दीप, संत कुमार, सुरिंदर सिंह ओबरॉय, डॉ. रतन सिंह ढिल्लों, कॉ. स्वर्ण सिंह विर्क, राम मोहन रॉय, गुरमीत सिंह, डॉ. जोगिंदर सिंह, डॉ. पाल कौर और जय पाल ने अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा ने अपने संबोधन में कहा कि लेखकों को आमजन को पेश आ रही चुनौतियों की पहचान करनी चाहिए और मानव समाज के व्यापक हित में वैचारिक नेतृत्व प्रदान करना उनका दायित्व है।

पुस्तक लोकार्पण और प्रदर्शनी का आयोजन

सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इनमें डॉ. रतन सिंह ढिल्लों की 'क़ाज़ी हो गए रिश्वतखोर', डॉ. अशोक भाटिया की 'अंध विश्वास: रोग और ईलाज़', अशोक गर्ग, मनोज छाबड़ा एवं राम कुमार जांगड़ा द्वारा संपादित 'ज़हर जो हमने पीया', राजेंद्र टोंकी द्वारा संकलित 'स्वामी विवेकानंद के विचार' तथा गुरदीप सिंह मुक़्दस्स की 'ग़ुलामी' शामिल हैं। इसके अलावा यूनीक प्रकाशन की ओर से विकास साल्याण द्वारा लगाई गई पुस्तक एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा और प्रो. गुरदेव सिंह देव ने संयुक्त रूप से किया।

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