पंजाब कांग्रेस ने चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन, मोदी सरकार पर साधा निशाना

पंजाब कांग्रेस ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन की अगुवाई पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना चीनी वाली चाय परोसी। यह एक प्रतीकात्मक संदेश था कि आम आदमी के लिए चीनी अब बहुत महंगी हो गई है।
मोदी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
इस अवसर पर बोलते हुए वड़िंग ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की वजह से जरूरी चीजों के दाम तेजी से बढ़े हैं। वड़िंग के अनुसार, महंगाई ने घर की रसोई को अपनी चपेट में ले लिया है। इससे आम उपभोक्ताओं पर बहुत अधिक वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
चीनी और गुड़ के दामों में भारी बढ़ोतरी
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने जानकारी दी। पिछले साल के मुकाबले खुद और थोक चीनी की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुछ राज्यों में यह वृद्धि 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आठ राज्यों में चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर निकल गई है।
नीतियों को बताया जिम्मेदार
पार्टी अध्यक्ष ने इस स्थिति के लिए सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में चीनी के दाम 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। वहीं गुड़ के दाम 50 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। वड़िंग ने सवाल उठाया कि पहले निर्यात, फिर एथनॉल के लिए डायवर्जन और अब महंगाई रोकने के लिए आयात की नीति आखिर कैसी है।
एथनॉल ब्लेंडिंग और पेट्रोल की कीमतों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने बढ़ती खाद्य कीमतों को E20 एथनॉल-ब्लेंडिंग नीति से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से घरेलू बजट और परिवहन लागत दोनों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने पूछा कि जब सरकार एथनॉल मिश्रण से बचत का दावा कर रही है, तो पेट्रोल के दाम क्यों नहीं कम हुए। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2018 में राहत का दावा किया था, लेकिन उपभोक्ता आज भी महंगे पेट्रोल और अन्य जरूरी चीजों के दाम चुका रहे हैं।
मौजूद प्रमुख नेता
इस विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शामिल हुए। इस दौरान एआईसीसी सचिव रविंदर दलवी, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और हरदयाल कंबोज मौजूद रहे। इसके अलावा कुलजीत सिंह नागरा, गुरशरण रंधावा, नरेश दुग्गल, अश्विनी शर्मा और अन्य नेता भी उपस्थित थे।