पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग का मान सरकार पर हमला, कर्मचारियों के आंदोलन का किया समर्थन और दी चेतावनी

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रविवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया है। ये कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता यानी डीए और पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वड़िंग ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी, उसके कार्यकर्ता और सभी योद्धा न्याय मिलने तक कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने अपने लाइव इंटरेक्शन प्रोग्राम वॉरिंग विद वॉरियर्स के चौथे सत्र को संबोधित करते हुए कर्मचारियों के इस संकल्प को सलाम किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ओपीएस की बहाली और डीए के भुगतान की उनकी मांग पूरी तरह से न्यायसंगत है। कर्मचारी सरकार से कोई विशेष एहसान नहीं मांग रहे हैं बल्कि वे अपना हक मांग रहे हैं। वड़िंग ने कहा कि जो लोग संघर्ष करते हैं, वे ही अंत में जीत हासिल करते हैं।
भगवंत मान सरकार से तीखे सवाल और ओपीएस का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार से ओपीएस को लेकर कड़े सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि जब सरकार की इस पेंशन योजना को लागू करने की कोई मंशा ही नहीं थी, तो उसने इसके संबंध में नोटिफिकेशन क्यों जारी किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बार-बार अपने वादों से मुकर जाने का गंभीर आरोप लगाया। वड़िंग ने उन्हें एक ऐसा सीरियल liar बताया जो चौबीस घंटे के भीतर अपने वादों से पीछे हट जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के लोगों को यह अच्छी तरह पता है कि राज्य का कामकाज काफी हद तक उसके कर्मचारियों पर ही निर्भर करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों के बिना पंजाब राज्य पूरी तरह से ठप हो जाएगा। उन्होंने दोहराया कि डीए सरकार का कोई एहसान नहीं है बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों का एक कानूनी और जायज हक है।
कर्मचारियों के संघर्ष में कांग्रेस का साथ और दसवें गुरु की सीख
पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान उनका मजबूती से साथ दिया है। वड़िंग ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि उन्हें अपने उन योद्धाओं पर पूरा गर्व है जो कर्मचारियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन संघर्ष में अपने सभी कर्मचारी भाइयों और बहनों के साथ पूरी ताकत से बनी रहेगी। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं को याद करते हुए वड़िंग ने कहा कि जब अन्याय और अत्याचार अपनी सभी सीमाएं लांघ जाते हैं और बातचीत से कोई परिणाम नहीं निकलता है, तब विरोध करना ही एकमात्र विकल्प बच जाता है। उन्होंने मान सरकार के अन्याय और अत्याचार के आगे झुकने से साफ इनकार करने वाले कर्मचारियों को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि वे कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई की धमकी देकर डराने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक परिणामों की चेतावनी और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप
वड़िंग ने मुख्यमंत्री मान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे कार्रवाई करें और वह भी लिखित रूप में करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर वे अपनी सरकार छह महीने पहले ही गंवा बैठेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाया कि आज जिन कर्मचारियों को वे धमका रहे हैं, उन्हीं कर्मचारियों ने साल 2022 में आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने आपको मुख्यमंत्री बनाया और असंभव को संभव कर दिखाया। वड़िंग ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों के साथ यह अनावश्यक टकराव सरकार के लिए राजनीतिक रूप से बहुत महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी जोरदार हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विज्ञापनों पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो वह यह दावा कैसे कर सकती है कि उसके पास कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि यदि आपके पास पैसा नहीं था, तो आपने जनता से झूठे वादे क्यों किए थे।
राज्य के कर्ज और अधूरे वादों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना
वड़िंग ने मान सरकार पर पंजाब का पैसा राज्य के बाहर राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब का पैसा दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और गोवा के चुनाव अभियानों में खर्च कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार कर्मचारियों से जुड़े लगभग चौदह हजार करोड़ रुपये देने में असमर्थ क्यों है, जबकि यह पैसा कोई रियायत नहीं बल्कि उनका हक है। उन्होंने यह भी आलोचना की कि सरकार ने पच्चीस हजार करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने के लिए कंसल्टेंट्स को तीन सौ इकतालीस करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस व्यवस्था की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा है जैसे कोई डिफॉल्टर किसी बिचौलिए के माध्यम से लोन लेने के लिए उसे रिश्वत दे रहा हो। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने पंजाब को अभूतपूर्व कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। साल 2022 में जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य का बकाया कर्ज लगभग दो लाख पचासी हजार करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर लगभग चार लाख अड़तालीस हजार करोड़ रुपये हो गया है। वड़िंग ने अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और योद्धाओं से अपील की कि वे मान सरकार को हटाने और पंजाब में एक स्थिर सरकार लाने के अपने एकमात्र राजनीतिक उद्देश्य पर पूरी तरह से केंद्रित रहें।