पंजाब में 'आप' सरकार के दौरान नशों की समस्या चार गुना बढ़ी: कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग

पंजाब में 'आप' सरकार के दौरान नशों की समस्या चार गुना बढ़ी: कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में पंजाब राज्य के अंदर नशों की समस्या चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि हर परिवार या तो इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हो चुका है या फिर अपने छोटे बच्चों के नशों की चपेट में आ जाने को लेकर लगातार भारी चिंता में जी रहा है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछे तीखे सवाल

चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन डॉ. अमर सिंह और पूर्व मंत्री बलबीर सिंह Sidhu की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने कुल चार बड़े सवाल रखे। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि सरकार ने 'युद्ध नशे विरुद्ध' नाम की जिस मुहिम के ऊपर जनता के करोड़ों रुपए खर्च किए हैं, अगर वह मुहिम सचमुच सफल रही है तो फिर राज्य में नशों के सेवन के कारण लगातार मौतें क्यों हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने यह घोषणा की थी कि मई 2025 के बाद हर जिले का पुलिस प्रमुख अपने संबंधित जिले में होने वाली नशों से जुड़ी मौतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि उस समय के बाद से अब तक नशों की वजह से हुई इतनी सारी मौतों के मामलों में कुल कितने जिला पुलिस प्रमुखों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

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नशों की सप्लाई चेन और भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया की विभिन्न व्यापक रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब के बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में नशों की समस्या सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि इस अवैध सप्लाई चेन को असल में कौन सरंक्षण दे रहा है और कौन इसकी रक्षा कर रहा है, तथा इसके लिए एरिया के SSP या स्थानीय सत्ताधारी पार्टी के नेता कौन जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन महीने के भीतर इस अवैध सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ने का बड़ा दावा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार पिछले पांच सालों में भी इसे तोड़ नहीं पाई है। बल्कि सरकार के अंदरूनी संरक्षण के कारण नशों की यह अवैध सप्लाई चेन और भी ज्यादा मजबूत हो गई है। वड़िंग ने एक बेहद गंभीर खुलासा करते हुए बताया कि नशों की समस्या राज्य में इतनी अधिक गंभीर हो चुकी है कि मानसा जिले की एक महिला एथलीट ने नशे की अपनी लत को पूरा करने के लिए अपने केवल छह महीने के बच्चे तक को बेच दिया। उन्होंने यह भी बताया कि 14 अगस्त से 20 अगस्त के बीच मालवा क्षेत्र के अंदर कुल सात से आठ लोगों की मौतें नशों की वजह से हो चुकी हैं, जिसमें एक 16 साल का लड़का भी शामिल था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये केवल वही मामले हैं जो मीडिया या पुलिस के सामने आ सके क्योंकि ज्यादातर माता-पिता सामाजिक बदनामी और डर के कारण इस तरह की मौतों को छुपाने की पूरी कोशिश करते हैं।

भ्रष्टाचार के मामलों और भाजपा-आप के बीच गुप्त समझौते का जिक्र

मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ लगे उस गंभीर आरोप के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, जिसमें उन्होंने एक रेप केस को दबाने के एवज में पांच करोड़ रुपए की मांग करने के आरोप पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन द्वारा संज्ञान लेने की बात कही, राजा वड़िंग ने कहा कि इस बात में अब कोई दो राय नहीं बची है कि पंजाब राज्य के भीतर भ्रष्टाचार ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं और यह सब कुछ मुख्यमंत्री भगवंत मान की अपनी आंखों के सामने हो रहा है। उन्होंने Enforcement Directorate (ED) द्वारा DGP को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के OSD के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश देने के मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच एक गुप्त समझौता हो चुका है क्योंकि भाजपा चाहती है कि 'आप' गुजरात में उसकी मदद करे और इसके बदले में भाजपा पंजाब में 'आप' की मदद करे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा कोई गुप्त समझौता नहीं होता तो फिर ED को खुद अपने स्तर पर सख्त कार्रवाई करने की बजाय DGP को पत्र लिखने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के मामले में तो केंद्रीय एजेंसियां उन्हें सीधे समन जारी करती हैं, पूछताछ करती हैं और पहले ही समन पर उन्हें गिरफ्तार तक कर लिया जाता है। उन्होंने पंजाब के मंत्री हरजोत बैंस का भी उदाहरण दिया जिन्होंने खुद उसी CBI से अपनी जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई गुप्त समझौता नहीं होता तो हरजोत बैंस उसी CBI से जांच की मांग क्यों करते जिसे 'आप' पार्टी हमेशा से भाजपा के इशारे पर काम करने वाली एजेंसी बताती रही है और जिसने खुद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि अब निश्चित रूप से कुछ न कुछ पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, DGP और ED तीनों को ही पंजाब के अंदर फैल रहे इस गंभीर भ्रष्टाचार के मुद्दे और इस पर की जा रही कार्रवाई के बारे में अपनी-अपनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करनी चाहिए।

1984 के सिख विरोधी दंगों और सज्जन कुमार के मामले पर कांग्रेस का बयान

हरियाणा के सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा 1984 के दिल्ली के सिख विरोधी दंगों के दौरान सिखों की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार की प्रशंसा करने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि कोई भी समझदार व्यक्ति, चाहे वह सिख हो या गैर-सिख, कभी भी 1984 के उस भयानक दर्द और गहरे आघात को कभी नहीं भूल सकता है। उन्होंने कहा कि अदालत के कानून द्वारा सज्जन कुमार को पूरी सजा दी जा चुकी है और दीपेंद्र हुड्डा ने जो भी बात कही है वह उनका अपना पूरी तरह से निजी बयान या विचार है, न कि यह कांग्रेस पार्टी का कोई आधिकारिक बयान है। उन्होंने अंत में यह भी बात दोहराई कि राहुल गांधी ने समय-समय पर 1984 की इस भयंकर त्रासदी को लेकर अपना गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है।

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