पंजाब के किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर लगाया पक्का मोर्चा, जींद की उपायुक्त के साथ वार्ता हुई विफल

पंजाब के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए खनौरी बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगा दिया है। जींद की उपायुक्त के साथ किसानों की वार्ता पूरी तरह से विफल रही है। इसके बाद अब किसानों के सभी संगठन बॉर्डर पर बड़ी संख्या में जुट रहे हैं।
पंजाब के किसानों का खनौरी बॉर्डर पर तनाव और पक्का मोर्चा
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के जींद जिले से सटे पंजाब के खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर पर रविवार को दिन भर तनाव की स्थिति बनी रही। पंजाब के किसान संगठनों द्वारा दिल्ली कूच का ऐलान किए जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने सड़क पर बैरिकेडिंग करके रास्ता पूरी तरह से जाम कर दिया। जींद की जिला उपायुक्त के साथ किसान नेताओं की दो बार बैठकें हुईं, लेकिन जब इन बैठकों का कोई भी परिणाम नहीं निकला, तो देर शाम किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर ही पक्का मोर्चा लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया।
दिल्ली कूच और पुलिस की तीन लेयर की बैरिकेडिंग
पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों ने रविवार को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था। किसान संगठन पैदल यात्रा करके आगामी 29 अगस्त को दिल्ली पहुंचने का दावा कर रहे हैं। इसी बात के चलते पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान बसों में भरकर बड़ी संख्या में खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। रविवार सुबह से ही पुलिस ने हरियाणा की सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए तीन लेयर की बैरिकेडिंग कर दी।
55 किसानों का जत्था और शुभकरण सिंह को याद करना
पंजाब से दिल्ली की तरफ जा रहे 55 किसानों को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक लिया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 किसानों के इस जत्थे ने 2024 के किसान आंदोलन के दौरान शुभकरण सिंह की मौत वाले स्थान से पवित्र मिट्टी उठाई। किसान नेता डल्लेवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब रास्ता किसानों ने नहीं बल्कि हरियाणा पुलिस ने रोका है। उन्होंने कहा कि देश की सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
मांगें पूरी होने तक बॉर्डर पर डटे रहने का ऐलान
डल्लेवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बहुत ही कम संख्या में किसान दिल्ली जाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक किसान यहां से बिल्कुल नहीं हटेंगे। किसानों ने दोहराया कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों के साथ-साथ अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध की आवाज को केंद्र सरकार तक पहुंचाना है।
किसान बचाओ पदयात्रा और जंतर-मंतर पहुंचने का लक्ष्य
किसान नेताओं ने विस्तार से बताया कि इस यात्रा में एक किसान मुख्य रूप से पैदल चलेगा, जबकि उसके साथ कुछ अन्य किसान रहेंगे जो उसका जरूरी सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह विश्राम के लिए पड़ाव होंगे और किसानों का यह जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। किसानों का मुख्य लक्ष्य आगामी 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का है। वहां पहुंचने पर एक दिन की विशेष किसान पंचायत आयोजित की जाएगी और उसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा का रुख और सरकार पर निशाना
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के कड़े विरोध में खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ निकालने का बड़ा ऐलान किया था। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने साफ शब्दों में कहा कि किसान किसी भी प्रकार के टकराव के बिल्कुल पक्ष में नहीं हैं। उनका जत्था पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली की तरफ आगे बढ़ेगा। अब यह पूरी तरह से सरकार पर निर्भर करता है कि वह वहां किस तरह का माहौल बनाती है। जत्थे में केवल सीमित संख्या में ही किसान शामिल हैं, जहां न तो कोई बहुत बड़ी भीड़ है और न ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां साथ हैं। किसान लगातार सरकार के हर एक रवैये को बहुत गौर से देख रहे हैं, क्योंकि कभी अंबाला तो कभी चंडीगढ़ में आम लोगों और किसानों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।
जींद प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
इस बीच, जींद की उपायुक्त वैशाली शर्मा ने किसान नेताओं के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें कीं। जींद के एसपी कुलदीप सिंह भी खुद दाता सिंहवाला बॉर्डर पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। दिल्ली कूच करने के लिए पहुंचे सभी किसानों को यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि पूरे इलाके में धारा 163 लागू है, इसलिए उन्हें आगे जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जा सकती। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में जगह-जगह पुलिस के कड़े नाके लगाए गए हैं।