भगवंत मान सरकार की लापरवाही और कुशासन ने पंजाब को गंभीर बिजली संकट में धकेला: बलबीर सिंह सिद्धू

भगवंत मान सरकार की लापरवाही और कुशासन ने पंजाब को गंभीर बिजली संकट में धकेला: बलबीर सिंह सिद्धू

भगवंत मान सरकार की लापरवाही और कुशासन ने पंजाब को गंभीर बिजली संकट में धकेला: बलबीर सिंह सिद्धू

कहा, मोहाली समेत पूरे राज्य के उद्योगपतियों में हाहाकार मचा

मोहाली/9 सितंबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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मोहाली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सरदार बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहां कहा कि भगवंत मान सरकार की घोर नाकामी, भ्रष्टाचार और खराब कार्यप्रणाली के कारण आज पूरा पंजाब गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। श्री सिद्धू ने कहा कि इस समय मोहाली समेत पूरे पंजाब के उद्योगपतियों में हाहाकार मचा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र में लंबे-लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे उद्योगों की कमर टूट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब के थर्मल प्लांटों के पास मात्र चार दिनों का कोयला ही बचा है। इसके चलते बिजली उत्पादन ठप होने के कगार पर पहुंच गया है।

सस्ती सौर ऊर्जा छोड़ने और महंगी बिजली खरीदने का आरोप

पूर्व मंत्री ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए खुलासा किया कि सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने पंजाब को 250 मेगावाट सौर ऊर्जा 25 वर्षों के लिए 2.61 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध करवाने की पेशकश की थी। लेकिन सरकार के दबाव के चलते पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने जब इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, तो सस्ती सौर ऊर्जा का यह समझौता रद्द कर इसे किसी अन्य राज्य को दे दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरी ओर निजी कंपनियों से करीब 8 रुपये प्रति यूनिट की महंगी दर पर अल्पकालिक समझौतों के माध्यम से बिजली खरीदी जा रही है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की लूट और एक बहुत बड़ा घोटाला है।

अधिकारियों पर दबाव और पांच साल में एक भी नई यूनिट न जोड़ने का दावा

कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में स्वीकृत इस बिजली खरीद को उस समय के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने दबाव डालकर रुकवा दिया था। इसके बाद निजी कंपनियों के साथ महंगी दरों पर समझौते किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस कथित लूट का विरोध किए जाने के कारण ही उस समय के जनरेशन डायरेक्टर हरजीत सिंह को बिना कोई कारण बताए पद से हटा दिया गया था। श्री सिद्धू ने कड़े शब्दों में कहा कि आप सरकार ने पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के बिजली ढांचे में थर्मल या सौर ऊर्जा उत्पादन की एक भी नई यूनिट नहीं जोड़ी है। इसका खामियाजा आज उद्योगपतियों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली की यही स्थिति बनी रही तो पंजाब की इंडस्ट्री यहां से पलायन कर दूसरे राज्यों में चली जाएगी, जिससे लाखों युवा बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के उद्योगपतियों और व्यापारियों के हक में चट्टान की तरह खड़ी है। यदि सरकार ने तुरंत अपनी कुंभकर्णी नींद त्यागकर हालात नहीं सुधारे और बिजली कट बंद नहीं किए, तो कांग्रेस पार्टी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर तीखा और जोरदार संघर्ष शुरू करेगी। सरकार को अपनी इस नाकामी का जवाब जनता की अदालत में देना ही होगा।

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