रेवाड़ी के राज इंटरनेशनल स्कूल में नन्हें कलाकारों ने नृत्य के सुरों से दादा-दादी को किया नमन

रेवाड़ी के राज इंटरनेशनल स्कूल में नन्हें कलाकारों ने नृत्य के सुरों से दादा-दादी को किया नमन

रेवाड़ी, 12 सितंबर (अटल हिन्द ब्यूरो)। रेवाड़ी के राज इंटरनेशनल स्कूल में केजी और कक्षा प्रथम के नौनिहालों के लिए एक सोलो डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता सभी बच्चों और शिक्षकों के लिए एक यादगार उत्सव बन गई। विद्यालय ने इस बार इस सोलो डांस प्रतियोगिता को एक अनूठा विषय दिया। इस विषय का नाम "दादा-दादी को समर्पित लयबद्ध श्रद्धांजलि" रखा गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के चेयरमैन राजेंद्र सैनी ने किया। उनके साथ सम्मानित अतिथियों ने भी दीप प्रज्वलन करके इस कार्यक्रम की शुरुआत की।

नन्हे-नन्हे कदमों ने बांधा समां

जैसे ही मंच पर बच्चों के नन्हे-नन्हे कदम थिरके, पूरा सभागार प्यार और हंसी से भर गया। यह पूरा माहौल सुनहरी यादों के बंधन में बंध गया। तीन से छह वर्ष के इन छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। किसी नन्ही परी ने 'अचकन में फूल...' गीत पर नृत्य किया। इस नृत्य के जरिए उसने दादा जी के दुलार को मंच पर उतार दिया। वहीं, किसी अन्य बच्चे ने 'दादी अम्मा मान जाओ' गीत पर अपनी अदाएं दिखाईं। इन अदाओं के माध्यम से उसने दादी की ममता को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाया।

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भावुक हुए अभिभावक और दादा-दादी

बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। उनके पैरों में लय देखकर उपस्थित सभी अभिभावक और दादा-दादी भाव-विभोर हो गए। कई बुजुर्गों की आँखें तो अपने पोते-पोतियों को मंच पर देखकर नम हो गईं। विद्यालय के निदेशक नवीन सैनी ने इस मौके पर एक बहुत महत्वपूर्ण बात बताई। उन्होंने बताया कि आज के आधुनिक युग में संयुक्त परिवारों की परम्परा लगातार कम हो रही है। ऐसे आयोजन बच्चों को उनकी जड़ों और संस्कारों से जोड़ते हैं। यह आयोजन बच्चों को उनके बुजुर्गों के महत्व से परिचित कराते हैं। दादा-दादी परिवार के केवल बड़े सदस्य नहीं होते हैं। वे अनुभव और संस्कारों का एक जीवंत चित्रण होते हैं।

बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

विद्यालय की उप-प्राचार्या निधि सैनी ने सभी प्रतिभागियों की जमकर हौसला-अफजाई की। उन्होंने सभी बच्चों से कहा कि मंच पर आकर निर्भय होकर प्रस्तुति देना ही सबसे बड़ी सफलता है। यही आत्मविश्वास आगे चलकर उनके पूरे व्यक्तित्व का निर्माण करेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी नन्हे प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इसके अलावा उन्हें प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में चेयरमैन राजेन्द्र सैनी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपना क़ीमती समय निकालकर स्कूल आने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने आगे भी इसी तरह से स्कूल के साथ जुड़े रहने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

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