हरियाणा की BJP प्रदेश अध्यक्षा द्वारा जंतर मंतर पर हुए छात्रों-युवाओं के जन आंदोलन पर सनसनीखेज आरोप

सुरजेवाला का BJP पर हमला: “पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को आतंकवादी और अराजक बताना गलत”
BJP और मोदी-नायब सरकार से रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछे सीधे सवाल =
- क्या पेपर लीक पर न्याय मांगने वाले हमारे बच्चे आंतकवादी हैं?
- क्या पेपर लीक पर न्याय मांगने वाले हमारे बच्चे अराजकता फैला रहे हैं, क्या वे देशद्रोही हैं?
- क्या हिंदुस्तान के लाखों युवा, जो अपनी सरकार से न्याय मांगने संसद के बाहर शांतिप्रिय आंदोलन कर रहे थे, वे विदेशी ताकतों के इशारे पर ये कर रहे थे? क्या बीजेपी सरकार में न्याय मांगना राष्ट्रद्रोह है?
- BJP अध्यक्ष हमारे आंदोलनकारी युवाओं द्वारा किस चीज या वस्तुओं के इस्तेमाल की और इशारा कर आरोप लगा रही हैं - क्या आपका इल्ज़ाम ड्रग्स के इस्तेमाल की और है? क्या ये देश के निर्भीक और निडर हमारे बच्चों पर इशारों इशारों में कीचड़ उछालने की कोशिश नहीं?
- BJP नेताओं ने हमारे युवाओं से इतनी नफ़रत क्यों पाल रखी है?
क्या ये सही नहीं कि BJP सांसद कंगना रनौत हमारे Gen Z युवाओं को जेनरेशन गटर बुलाती हैं? BJP सांसद निशिकांत दूबे उल्टा युवाओं पर इल्ज़ाम लगाते हैं कि वो पेपर लीक को बहाना (excuse) बना रहे हैं?
क्या यह सही नहीं कि BJP के प्रांतीय इंटलेक्चुअल सेल के पूर्व कन्वीनर व नेता टी.जी. मोहन दास तो जंतर मंतर पर युवाओं पर गोली तक चलाने की बात करते हैं?
असल में पूरे देश में हो रहे युवाओं के विरोध के चलते बीजेपी नेता अनर्गल इल्ज़ामों को लगा देश के युवाओं को बदनाम करने पर उतारू हैं ।
याद रखें कि सब याद रखा जाएगा ।
देश के युवाओं पर इल्ज़ामात की राजनीति का गांधीवादी व प्रजातांत्रिक जबाब अवश्य मिलेगा ।
![]()
चंडीगढ़ | 08 अगस्त 2026 | अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जंतर-मंतर पर पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए आंदोलन पर हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष के कथित बयान को लेकर भाजपा और केंद्र व हरियाणा की सरकार पर तीखा हमला बोला है। सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि रोजगार और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर न्याय की मांग करने वाले छात्रों और युवाओं को आखिर किस आधार पर आतंकवादी, अराजक या विदेशी ताकतों से प्रभावित बताया जा रहा है।
सुरजेवाला ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा पेपर लीक सहित अपने मुद्दों को लेकर सरकार से न्याय की मांग करने पहुंचे थे। उनके मुताबिक, ऐसे आंदोलन को लेकर भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष द्वारा विदेशी ताकतों के सहयोग, अराजकता और आतंकवाद जैसे आरोप लगाए जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुरजेवाला ने भाजपा से सीधे सवाल करते हुए कहा कि क्या पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग करने वाले देश के बच्चे आतंकवादी हैं? क्या अपने अधिकार और भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर आवाज उठाने वाले युवा अराजकता फैला रहे थे या देशद्रोही हैं?
उन्होंने कहा कि देशभर से आए लाखों युवा यदि संसद के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी सरकार से न्याय की मांग कर रहे थे तो उन्हें विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वाला बताने का आधार क्या है। सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार के शासन में सरकार से न्याय मांगना भी राष्ट्रद्रोह माना जाने लगा है?
आंदोलनकारियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल
सुरजेवाला ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें आंदोलन के दौरान ऐसी चीजें उपलब्ध होने की बात कही गई थी, जिनका सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि आखिर इस टिप्पणी के पीछे किस तरह की वस्तुओं या गतिविधियों की ओर इशारा किया गया था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि इस टिप्पणी का संकेत नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की ओर है तो भाजपा को इसे स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के संकेत देश के उन युवाओं की छवि खराब करने की कोशिश नहीं हैं, जो अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
सुरजेवाला ने कहा कि राजनीतिक दलों को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उन पर गंभीर आरोप लगाकर उनके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश करनी चाहिए।
“भाजपा नेताओं की युवाओं को लेकर भाषा पर भी सवाल”
कांग्रेस नेता ने भाजपा नेताओं द्वारा युवाओं को लेकर दिए गए कुछ पूर्व बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं के बीच देश के युवाओं के प्रति इतनी नकारात्मक धारणा क्यों दिखाई दे रही है।
सुरजेवाला ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के उस कथित बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने Gen Z युवाओं के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें युवाओं पर पेपर लीक के मुद्दे को बहाने के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाए जाने की बात कही गई थी।
उन्होंने भाजपा से जुड़े नेता और पार्टी के प्रांतीय इंटेलेक्चुअल सेल के पूर्व संयोजक टी.जी. मोहन दास के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कथित तौर पर गोली चलाने संबंधी टिप्पणी का भी उल्लेख किया। सुरजेवाला ने कहा कि इन बयानों को अलग-अलग घटनाओं के तौर पर देखने के बजाय युवाओं के प्रति राजनीतिक रवैये के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
“युवाओं को बदनाम करने के बजाय उनके सवालों का जवाब दे सरकार”
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के बीच रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर असंतोष है। ऐसे में सरकार और सत्तारूढ़ दल को युवाओं की समस्याओं को सुनना चाहिए और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है। यदि किसी आंदोलन में कानून तोड़ने या हिंसा से जुड़ी कोई घटना हुई है तो उसकी जांच कानून के मुताबिक होनी चाहिए, लेकिन पूरे आंदोलन और उसमें शामिल युवाओं को आतंकवादी, अराजक या विदेशी ताकतों से प्रभावित बताना उचित नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपने आरोपों का आधार सार्वजनिक करने की मांग भी की।
सुरजेवाला ने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं पर लगाए गए आरोपों और उनके प्रति अपनाई गई राजनीतिक भाषा को वे भूलेंगे नहीं।
उन्होंने अंत में कहा कि युवाओं के खिलाफ आरोपों की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से दिया जाएगा। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में जनता और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुनना और उसके सवालों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।