गुरुग्राम में वाटर लॉगिंग और कूड़ा उठान की समस्या पर राव इंद्रजीत ने सीएम नायब सिंह सैनी से की मुलाकात

गुरुग्राम में वाटर लॉगिंग पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो - राव इंद्रजीत
राव बोलेअधिकारियों को तलब कर जवाब लिया जाए कि उनके दावे क्यों फेल हुए ?
राव ने सीएम के समक्ष सफाई कर्मियों की हड़ताल के मुद्दे को भी उठाया
सफाई कर्मियों की हड़ताल, कूड़े के ढेर लगे, बरसात से कूड़े में सड़न पैदा हो गई
गुरुग्राम में जल भराव व कूड़ा उठान की समस्या पर सीएम से मिले राव इंद्रजीत
गुरुग्राम/चंडीगढ़/फतह सिंह उजाला /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
केंद्रीय राज्य मंत्री व गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी से उनके निवास पर मुलाकात कर गुरुग्राम में मानसून के दौरान हुए जल भराव व कूड़ा उठान में आ रही समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सीएम को बताया कि मानसून से पूर्व अधिकारियों के साथ बैठकों में अधिकारी दावे के साथ कहते हैं कि इस बार शहर में जल भराव नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सीएम से कहा कि अधिकारियों को तलब कर जवाब लिया जाए कि उनके दावे क्यों फेल हुए ? राव ने सीएम के समक्ष सफाई कर्मियों की हड़ताल के दौरान शहर में कूड़ा उठाने की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की हड़ताल से अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं वहीं ऊपर से बरसात से कूड़े में सड़न पैदा हो रही है।
प्राकृतिक बरसाती रास्तों से कब्जे भी नहीं हटे
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री सैनी को जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए सुझाव दिया कि वे पिछले वर्षों से बैठकों में लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्राकृतिक नालों पर पूर्व की सरकारों में दिए गए लाइसेंस से गुरुग्राम के प्राकृतिक बहाव को बदल दिया है। राव ने कहा कि उन्होंने अनेक बिल्डरों व अवैध कॉलोनाइजर्स द्वारा प्राकृतिक बरसाती रास्तों पर किए गए कब्जो को हटाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, लेकिन वे आज भी बरकरार है । राव ने मुख्यमंत्री को कहा है कि सदियों से बने हुए प्राकृतिक बहाव से ही पानी जाएगा इसलिए इन रास्तों का निष्पक्ष सर्वे होना चाहिए। सर्वे के बाद जिन प्राकृतिक बहाव वाले रास्तों पर कब्जे है उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
जमीन के नीचे मेट्रो तो फिर ड्रेनेज क्यों नहीं
राव ने सीएम नायब सैनी को यह भी सुझाव दिया कि जब हम जमीन के अंदर मेट्रो दौड़ा सकते हैं तो क्या पानी को अंडरग्राउंड पाइप लाइन के जरिए आर्टिफिशियल लेक , नजफगढ़ ड्रेन के आसपास के क्षेत्र, सुल्तानपुर व दमदमा झील में बरसाती पानी डालकर जल संचयन क्यों नहीं कर सकते।
राव ने कहा कि गुरुग्राम का जलस्तर लगातार गिर रहा है बरसाती पानी के संचयन की भी विस्तृत योजना बनानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाया की सरकारी विभागों जैसे नगर निगम, जीएमडीए, हुड्डा व अन्य विभागों में भी तालमेल की सख्त आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनकी चिताओं को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई जाएगी।