रेवाड़ी एम्स में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन की मिली मंजूरी

चंडीगढ़, 31 अगस्त। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने एक अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन की मंजूरी मिल गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए की थी।
हरियाणा में केंद्र सरकार के एम्स संस्थान
आरती सिंह राव ने सदन में जानकारी दी कि हरियाणा में केंद्र सरकार के एम्स से जुड़े दो प्रमुख संस्थान स्थित हैं। इनमें से एक संस्थान झज्जर के बाढसा में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट है। वहीं दूसरा संस्थान रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के रूप में मौजूद है।
झज्जर के बाढसा में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झज्जर के बाढसा में स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट एम्स नई दिल्ली का दूसरा कैंपस है। यह संस्थान कैंसर के इलाज के लिए समर्पित एक टर्शियरी-केयर (विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा) संस्थान है। यह केंद्र कैंसर के इलाज, रोकथाम, शुरुआती पहचान, रिसर्च और मानव संसाधन विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम करता है।
रेवाड़ी के माजरा एम्स और एमबीबीएस एडमिशन की मंजूरी
आरती सिंह राव ने आगे बताया कि रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश के 22वें एम्स के तौर पर स्थापित किया जा रहा है। इसे एक मेडिकल कॉलेज और 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थान' के रूप में तैयार किया जा रहा है। भारत सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए इस संस्थान में 50 एमबीबीएस विद्यार्थियों के एडमिशन की मंजूरी दे दी है।