रेवाड़ी ब्लास्ट मामला: ठेकेदार और सुपरवाइजर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

रेवाड़ी के हंस नगर में रिटायर फौजी के घर हुए ब्लास्ट के मामले में शुक्रवार को सदर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ठेकेदार व सुपरवाइजर सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में अभी एफएसएल रिपोर्ट का आना बाकी है। पुलिस ने यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर हुई जांच और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पूरी की है।
किन आरोपियों को पुलिस ने किया है गिरफ्तार
सदर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ठेकेदार एवं प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल शामिल हैं। इसके अलावा सुपरवाइजर रणजीत सिंह और संदीप को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सदर थाना एसएचओ राकेश कुमार ने शुक्रवार को इस बात की पूरी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार स्थानीय स्तर पर जांच पूरी होने के बाद ही यह गिरफ्तारियां की गई हैं।
कमेटी का गठन और एफएसएल रिपोर्ट
एफएसएल रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया था। उपायुक्त अभिषेक मीणा ने तत्कालीन डीएमसी ब्रह्मप्रकाश की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस विशेष कमेटी में संबंधित विभागों के सभी विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। पुलिस भी अपने स्तर पर लगातार मामले की गहराई से जांच कर रही थी।
ब्लास्ट का कारण और पिछली दुर्घटना का विवरण
प्रारंभिक जांच के दौरान इस ब्लास्ट का मुख्य कारण गैस को माना गया था। हालांकि गैस आईजीएल की थी या नहीं, इस बात को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। आपको बता दें कि पांच जुलाई की शाम को हंस नगर निवासी रिटायर सूबेदार सतबीर चौहान के घर में यह भयानक ब्लास्ट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में सतबीर चौहान, उनकी बेटी तन्नु, पत्नी मधु, दो वर्षीय बच्ची और पड़ोसी बीएसएफ जवान जयभगवान बुरी तरह झुलस गए थे।
अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौतें
हादसे के बाद तुरंत सभी घायलों को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया था। उपचार के दौरान 9 जुलाई को तन्नु और 11 जुलाई को सतबीर चौहान की मौत हो चुकी है। अब पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पूरी तरह से पता चल पाएगा।