रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल और गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को मिली मंजूरी

रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल और गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को मिली मंजूरी

चंडीगढ़ में विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया है। सत्र के अंतिम दिन सरकार ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 पास कर दिया है। इस नए बिल के पास होने से हरियाणा के रेवाड़ी और गुरुग्राम में दो नए निजी विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। सरकार का यह कदम उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा।

विश्वविद्यालयों की स्थापना का कारण

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सरकार ने इस बिल को पास करने के पीछे एक मुख्य तर्क दिया है। विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात के लक्ष्य को हासिल करना है। मौजूदा संस्थागत क्षमता इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए नए विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई है।

विधेयक की अनुसूची में नए नाम

विधानसभा में पास किए गए बिल में हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2006 की अनुसूची में बदलाव किया गया है। इस अनुसूची में दो नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, जिला रेवाड़ी का नाम शामिल है। इसके अलावा मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी, जिला गुरुग्राम का नाम भी शामिल किया गया है। बिल की अनुसूची में इन दोनों विश्वविद्यालयों को क्रमशः 28 और 29 नंबर पर जोड़ा गया है।

कुसुम इंटरनेशनल और मास्टर्स यूनियन की जानकारी

कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर राज्य मंत्रिमंडल पहले ही मंजूरी दे चुका है। यह पहल उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिए की जा रही है। वहीं मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी गुरुग्राम की स्थापना शांति फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित की गई है। इसके लिए करीब 5.14 एकड़ जमीन उपलब्ध है। लगभग 1.07 लाख वर्ग फुट निर्मित भवन उपलब्ध होने की जानकारी भी सरकार ने दी है।

निजी विश्वविद्यालयों की कुल संख्या

बिल के साथ संलग्न मौजूदा अनुसूची पर नजर डाली जा सकती है। हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में फिलहाल 27 विश्वविद्यालयों के नाम दर्ज हैं। इस संशोधन के बाद अधिनियम की अनुसूची में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ जाएगी। यह संख्या 27 से बढ़कर 29 हो जाएगी। सरकार का दीर्घकालीन प्लान उच्च शिक्षा का विस्तार करने का है। सरकार का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता को भी बढ़ाना है।

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