रेवाड़ी में बेसहारा गोवंश के कारण दो लोगों की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, नगर परिषद और सरकार पर साधा निशाना

रेवाड़ी में बेसहारा गोवंश के कारण दो लोगों की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, नगर परिषद और सरकार पर साधा निशाना

रेवाड़ी में बेसहारा गोवंश की समस्या को लेकर कांग्रेस ने नगर परिषद और भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा है। जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले महज सात दिनों में बेसहारा गोवंश की चपेट में आने से दो लोगों की मौत होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि इन घटनाओं ने नगर परिषद और सरकार की व्यवस्थाओं की पोल पूरी तरह खोल दी है।

सेक्टर-4 और माता चौक पर हुए हादसे

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प्रवीण चौधरी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शहर के सेक्टर-4 में 80 वर्षीय सेवानिवृत्त कैप्टन जगराम पर गोवंश ने अचानक हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के कारण जगराम ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर, माता चौक के पास भी गोवंश की टक्कर से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है

प्रशासनिक दावों की खुली पोल और सड़कों पर बढ़ता खतरा

उन्होंने आगे कहा कि सरकार की तरफ से हमेशा प्रदेश को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन रेवाड़ी की सड़कों पर बड़ी संख्या में घूमता गोवंश इन सभी दावों की जमीनी हकीकत साफ दिखा रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में गोवंश के भारी जमावड़े के कारण आम राहगीरों और वाहन चालकों की जान लगातार बड़े खतरे में बनी हुई है।

यह केवल पशुओं की नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी का गंभीर सवाल है

प्रवीण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेसहारा पशुओं की यह समस्या केवल पशुओं से जुड़ा कोई सामान्य मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम लोगों की जान और सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील सवाल है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी कई लोग बेसहारा पशुओं के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। ऐसे में महज सात दिन के भीतर दो लोगों की मौत होने के बावजूद यदि नगर परिषद और प्रशासन नहीं जागता तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है

फंड के इस्तेमाल और टेंडर पर खड़े किए बड़े सवाल

उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि जब गोवंश को पकड़ने के लिए आधिकारिक टेंडर और तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं तो फिर सड़कों पर इन बेसहारा पशुओं की संख्या कम होने का नाम क्यों नहीं ले रही है। उन्होंने यह भी अहम सवाल किया कि इस विशेष कार्य के लिए सरकार द्वारा जारी किया गया जनता का पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा है, अब तक कुल कितने पशु पकड़े गए हैं और कितने पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में भेजा गया है

चुनाव में गौ माता और अब सड़कों पर लावारिस

प्रवीण चौधरी ने भाजपा पर सीधा राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय गाय को ‘गौ माता’ कहकर जमकर राजनीति की जाती है, लेकिन जब बेसहारा गोवंश के कारण निर्दोष इंसानों की जान जा रही है तो सरकार और भाजपा नेता इस पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गोवंश के प्रति संवेदनशील है तो उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ने के बजाय सुरक्षित गौशालाओं में रखने और उनकी उचित देखभाल की पक्की व्यवस्था करनी चाहिए। अंत में प्रवीण चौधरी ने प्रशासन से पुरजोर मांग की कि शहर में खुलेआम घूम रहे बेसहारा गोवंश को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और इस पूरी व्यवस्था में होने वाले खर्च तथा अब तक पकड़े गए पशुओं का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम लोगों की जान को खतरे में डालने वाली इस गंभीर समस्या का एक स्थायी समाधान निकल सके।

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