रोहतक व फतेहाबाद में जल्द बनकर तैयार होंगी हाई सिक्योरिटी जेल, हरियाणा में जेलों का निर्माण कार्य हुआ तेज

रोहतक व फतेहाबाद में जल्द बनकर तैयार होंगी हाई सिक्योरिटी जेल, हरियाणा में जेलों का निर्माण कार्य हुआ तेज

विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद जेल मंत्री ने रिपोर्ट पेश की है। चरखी दादरी व पंचकूला में जेल निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया चालू हो चुकी है। चंडीगढ़ में 30 अगस्त को मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा की जेलों में कैदियों व बंदियों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में चार हाई सिक्योरिटी जेलों का निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें रोहतक जेल का निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। हरियाणा विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दौरान जेलों में स्टाफ की कमी और कैदियों की लगातार बढ़ रही संख्या जैसे अहम मुद्दे उठे हुए हैं।

रविवार को हरियाणा के जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने चंडीगढ़ में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रोहतक में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से 312 बंदियों की क्षमता वाली हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य चल रहा है। फतेहाबाद में 1,200 बंदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल का निर्माण किया जा रहा है। चरखी-दादरी में 1,200 और पंचकूला में 954 बंदियों की क्षमता वाली नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई लगातार जारी है। प्रदेश में वर्तमान समय में तीन केंद्रीय जेल, 17 जिला जेल और दो ओपन एयर जेल हैं। इनकी कुल अधिकृत क्षमता 24,280 बंदियों की है, जबकि एक अगस्त 2026 तक 26,860 बंदी जेलों में निरुद्ध पाए गए थे।

जेलों की सुरक्षा और तकनीक में सुधार

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क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या को देखते हुए सरकार एक ओर नई जेलों के निर्माण पर काम कर रही है। वहीं दूसरी ओर मौजूदा जेलों को आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है। जेलों की सुरक्षा को तकनीक से मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय जेल अंबाला में अत्याधुनिक कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। केंद्रीय जेल हिसार सहित फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और सिरसा की जेलों में भी आधुनिक निगरानी तकनीक स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए सरकार द्वारा 9.16 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।

बंदियों और अपराधियों का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए माप संग्रहण इकाइयां भी स्थापित की गई हैं। इनमें उंगलियों के निशान, चेहरे की पहचान, डीएनए नमूने और रेटिना स्कैन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। यह व्यवस्था जेल सुरक्षा के साथ अपराध की जांच में भी आधुनिक तकनीक के उपयोग को मजबूती प्रदान करेगी। फरीदाबाद और करनाल में ओपन एयर जेल स्थापित की गई हैं, जहां बेहतर आचरण वाले बंदियों को अपने परिवार के साथ रहने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।

बंदियों के पुनर्वास और रोजगार की पहल

दोनों जेलों में वर्तमान समय में 48 बंदी अपने परिवारों के साथ शांति से रह रहे हैं। पलवल को छोड़कर प्रदेश की सभी जेलों में सेमी ओपन एयर जेल की व्यवस्था की गई है। इनकी कुल क्षमता 487 बंदियों की है और वर्तमान में 178 बंदियों को इनमें रहने की अनुमति दी गई है। गुरुग्राम जिला जेल में तकनीकी डिप्लोमा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का काम भी तेजी से चल रहा है। प्रशिक्षण के बाद रोजगार की राह आसान बनाने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। अब तक 117 प्रशिक्षित बंदियों का एचकेआरएनएल पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है।

बंदियों को रिहाई के बाद रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में पांच जेलों में आईटीआई केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहां 12 विभिन्न ट्रेडों में औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 255 बंदी इस प्रशिक्षण के लिए पंजीकृत हैं। जेल विभाग की यह पहल बंदियों के पुनर्वास की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जेल की कार्यशालाओं में तैयार होने वाले उत्पाद अब बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं।

जेल उत्पादों और पेट्रोल पंपों से हो रही आय

बंदियों द्वारा तैयार फर्नीचर, हस्तशिल्प, कपड़े, खाद्य सामग्री और सजावटी वस्तुओं को विभिन्न मेलों और आयोजनों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले और गीता जयंती महोत्सव में भी जेल उत्पादों के विशेष स्टॉल लगाए गए थे। पिछले वर्ष जेलों में तैयार उत्पादों की 1.76 करोड़ रुपये की कुल बिक्री हुई थी। वहीं चालू वर्ष में अब तक 1.52 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। यह पहल बंदियों को काम के माध्यम से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रही है।

कुरुक्षेत्र जिला जेल में स्थापित पेट्रोल पंप और सीएनजी फिलिंग स्टेशन की शानदार सफलता के बाद अब दूसरे जिलों में भी यह कदम उठाया गया है। अंबाला, हिसार, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद, नूंह और सिरसा सहित अन्य जेलों में भी पेट्रोल पंप सफलतापूपर्वक संचालित किए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र जेल के पेट्रोल पंप की पिछले वित्त वर्ष में करीब 54 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।

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