बाबूजी रूप सिंह नागर गुर्जर रत्न सम्मान से सम्मानित, समाज सेवा में मिला उल्लेखनीय योगदान

हरियाणा सरकार में मंत्री राजेश नागर के पिताजी रूप सिंह नागर को प्रकृति से प्रेम है। फरीदाबाद के कुलसीपुर में गुर्जर कल्याण परिषद पलवल द्वारा एक सामाजिक समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में समाज सेवा, समाज के उत्थान और एकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बाबूजी रूप सिंह नागर को प्रतिष्ठित गुर्जर रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया।
गुर्जर रत्न सम्मान और उपाधि-पत्र की विशेषताएं
परिषद की ओर से जारी उपाधि-पत्र में यह बात कही गई है। उपाधि-पत्र के अनुसार चौधरी रूप सिंह नागर का सामाजिक एवं जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान अनुकरणीय है। समाज के प्रति उनकी सेवाभावना, समर्पण और सक्रिय सहभागिता ने उन्हें समाज के बीच एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन और सांस्कृतिक संरक्षण
समारोह के दौरान विशेष रूप से कुछ बातों की प्रशंसा की गई। इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन के प्रति उनकी निष्ठा, सक्रिय सहभागिता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की गई। परिषद के पदाधिकारियों ने बाबूजी रूप सिंह नागर को सम्मानित किया।
सम्मान के अवसर पर वक्ताओं के विचार
परिषद के पदाधिकारियों ने उनके सेवाभावी व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण की सराहना की। इसके साथ ही यह आशा व्यक्त की गई कि उनका सामाजिक योगदान भविष्य में भी समाज के लोगों को सेवा, एकता और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
रूप सिंह नागर की प्रतिक्रिया और प्रमुख उपस्थित लोग
गुर्जर रत्न से सम्मानित किए जाने पर रूप सिंह नागर ने एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह विधाता की बनाई सृष्टि की सेवा करने में लगे हैं। इस कार्य को समाज यदि प्रतिष्ठा लायक समझता है तो मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं और मैं भविष्य में भी अपने जीवन को लगाए रखूंगा। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक चौ. खड़क सिंह भड़ाना, प्रधान मनोज पटेल, महासचिव डॉ. ओमवीर सिंह चेची आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।