राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के युवा केंद्रित कार्यक्रम में संजय यादव ने युवाओं को नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने का संदेश दिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नगर पटौदी के तत्वावधान में आश्रम हरिमंदिर, पटौदी में एक युवा केंद्रित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 286 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभावना, सामाजिक दायित्व और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी धर्मदेव जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पटौदी निवासी एवं वायु कॉरपोरेशन के एमडी संजय यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर इसे उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी बना दिया।
मुख्य अतिथि संजय यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को आधुनिक जीवन की चुनौतियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज के समय का एक प्रभावशाली माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग सीमित और समझदारी से किया जाना चाहिए। युवाओं को सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे इसका सकारात्मक उपयोग कर सकें और इसके दुष्प्रभावों से बच सकें। उन्होंने नशे के खिलाफ युवाओं को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि नशा बैसाखी की तरह है, जो एक स्वस्थ व्यक्ति को भी अपाहिज बना देता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक क्षमता को कमजोर करता है तथा उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को हर प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए और अपने जीवन को स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए। संजय यादव ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। यदि युवा नशे, नकारात्मक सोच और समय की बर्बादी से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और सेवा के मार्ग पर चलेंगे तो एक मजबूत और अच्छे राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित प्रश्नोत्तरी
युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए भाषण प्रतियोगिता, देशभक्ति गीत तथा रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित मौखिक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विषयों पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति, महापुरुषों के विचारों और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमांशु, तृतीय वर्ष शिक्षित एवं सह-विभाग विद्यार्थी प्रमुख, ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभावना और सामाजिक दायित्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने और समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक लवकेश गुप्ता, सह-संयोजक श्रीकृष्ण (अधिवक्ता), व्यवस्था प्रमुख जितेंद्र, सह-व्यवस्था प्रमुख प्रकाश तथा आयोजन समिति के सभी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पंकज कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन और संचालन में सहयोग प्रदान किया।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अधिक सशक्त
इस आयोजन में सभी 286 प्रतिभागियों को सहभागिता मेडल प्रदान किए गए। वहीं भाषण, देशभक्ति गीत और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को विशेष मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद युवाओं में उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे युवा केंद्रित कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर मिलता रहे।