आरयूआईडीपी के पांचवें चरण से पुष्कर क्षेत्र को मिलेगा फायदा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कंसल्टेशन मीटिंग

अजमेर में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के कार्यों को लेकर पुष्कर शहर में एक संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पुष्कर के सभागार में शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत की अध्यक्षता में किया गया। इस बैठक में पुष्कर शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया और पंचम चरण में होने वाले कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए अपने सुझाव व फीडबैक दिए। कार्यक्रम में माननीय जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, उपखण्ड अधिकारी, आयुक्त नगर परिषद पुष्कर, जिला प्रवक्ता एवं पूर्व सभापति ने भाग लिया।
पुष्कर में 29.69 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की रूपरेखा
कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी द्वारा पुष्कर शहर में पांचवें चरण में किये जाने वाले लगभग 29.69 करोड़ रुपये के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस चरण में एशियन विकास बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग के लिए कार्य किये जायेंगे, जिन पर लगभग 25.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के कार्य 1.61 करोड़ की लागत से, तथा कमान्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर और विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्य 2.25 करोड़ रुपये से किए जायेंगे। आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियन्ता श्री नाहर सिंह ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन सभी कार्यों की जानकारी दी और एक वृत्तचित्र के माध्यम से विभाग के कार्यों को दर्शाया गया।
परियोजना के क्रियान्वयन और आपसी सामंजस्य पर जोर
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने सीवरेज प्रोजेक्ट को पुष्कर के लिए अच्छा व महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने नगर परिषद और शहरवासियों के पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि सफलता के लिए आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं अन्य सहयोगी विभागों के बीच सामंजस्य होना जरूरी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पुष्कर की जनता और वार्ड पार्षद इस परियोजना में पूरा सहयोग देंगे और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि इस योजना को घर-घर तक पहुंचाया जाए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि परियोजना के कार्यों को गुणवत्ता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जाएगा और वर्कशॉप में मिले सुझावों को इसमें शामिल किया जायेगा। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर व अन्य कार्यों के बारे में अपनी जिज्ञासाओं से सम्बंधित जानकारी प्राप्त की।