सफाई-सीवर कर्मचारियों को पक्का किए बिना समाप्त नहीं होगी हड़ताल : नरेश कुमार शास्त्री

सफाई-सीवर कर्मचारियों को पक्का किए बिना हड़ताल समाप्त नहीं होगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सोनीपत में यह बड़ा बयान दिया है। नगर निगम में पिछले 33 दिनों से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में कोई भी फैसला संघ का अधिकृत नेतृत्व और आंदोलनरत कर्मचारी सामूहिक रूप से करेंगे। समाज के नाम पर सरकार की पक्षधरता करने वाले स्वयंभू नेताओं को कर्मचारियों की हड़ताल पर निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है।
सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले। शास्त्री ने कहा कि सरकार विवेक और संवेदनशीलता से काम लेते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के साथ 13 मई को हुई वार्ता में लिए गए फैसलों को तत्काल लागू करे। सरकार पालिका, परिषद, नगर निगम एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाकर मांगों का सम्मानजनक समाधान करे, ताकि हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि एस्मा लगाने, झूठे मुकदमे दर्ज करने, कर्मचारियों को निलंबित या नौकरी से बर्खास्त करने और पुलिसिया दमन के बल पर हड़ताल समाप्त नहीं करवाई जा सकती। ऐसी कार्रवाइयों से कर्मचारियों का आक्रोश और आंदोलन दोनों बढ़ेंगे।
कर्मचारियों की मौत पर जताया रोष। शास्त्री ने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के घरों पर पुलिस की भविष्य की कार्रवाई एस्मा लगाने एवं नौकरी से निकलने के नोटिस देने से करनाल के कुलदीप उर्फ काली एवं कुरुक्षेत्र के रोहित पालिका रोल सफाई कर्मचारी की मौत हो गई है। संघ ने मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पक्की नौकरी एवं एक-एक करोड़ रूपया आर्थिक सहायता राशि देने की मांग की है। शास्त्री ने कहा कि कल हरियाणा के सभी 87 शहरों में मृतक कुलदीप एवं रोहित की आत्मिक शांति के लिए शोक सभा का आयोजन किया जाएगा।
आंदोलन की प्रमुख मांगें। शास्त्री ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगें सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सफाई और सीवर कार्य में ठेका प्रथा समाप्त की जाए। अग्निशमन विभाग के अनुबंधित ड्राइवरों एवं फायरमैनों को फायर ऑपरेटर के पदों पर मरज करके पक्का किया जाए। ग्रुप-डी के अन्य कर्मचारियों की तरह सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के स्वीकृत पद सृजित कर नियमित भर्ती की जाए। निलंबन, बर्खास्तगी और झूठे मुकदमों सहित सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस ली जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के नियमितीकरण, ठेका प्रथा की समाप्ति और पक्की भर्ती का ठोस फैसला किए बिना हड़ताल समाप्त करवाना संभव नहीं है। सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर तुरंत बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। इस दौरान इकाई प्रधान भारत कंडेरा, राजीव खत्री, देशराज नैन, सुनील दत्त, राममेहर शर्मा, जयभगवान दहिया, ओमप्रकाश मलिक, बिजेंद्र कादयान, शीलकराम मलिक, राजेश, बिजेंद्र दहिया, अनिल कुमार, आनन्द हुडा, दिनेश छिकारा, संदीप तुर, अमित दहिया, विरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, राजपाल, यशेनदर, दिपक बोहोत, विशाल, कमलेश, कांता, गीता, प्रवीन, राहुल इत्यादि मौजूद रहे।