सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर गहराया विवाद, भाजपा ने दीपेंद्र हुड्डा को घेरा

1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को कथित तौर पर रोल मॉडल बताए जाने को लेकर रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा विवादों में घिर गए हैं। हरियाणा और पंजाब में भाजपा समेत विपक्षी दलों ने हुड्डा के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर भाजपा ने चौतरफा घेराबंदी कर दी है।
चंडीगढ़ में सामने आया मामला और नई दिल्ली में लगे पोस्टर
चंडीगढ़ से सामने आई इस खबर के अनुसार, नई दिल्ली स्थित सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आवास के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में प्रयोग किए गए शब्दों पर पंजाब के गैर-कांग्रेसी नेताओं ने विवाद खड़ा कर दिया है।
सज्जन कुमार को बताया गया था सामाजिक व्यक्ति
1984 के सिख विरोधी दंगों पर सजा पा चुके सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सामाजिक व्यक्ति और उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया गया था। यह विवाद आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ही एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी का सोशल मीडिया पर तीखा हमला
1984 के पीड़ितों के जख्मों पर प्रहार
इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के जख्म आज भी भरे नहीं हैं। ऐसी स्थिति में हरियाणा में बाप-बेटे द्वारा मृत सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल बताना उनके जख्मों पर एक और मार्मिक प्रहार है।
दर्द और पुराने घावों को कुरेदने जैसा बयान
मुख्यमंत्री ने लिखा कि जिन परिवारों ने 1984 में अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए ऐसे शब्द केवल एक बयान नहीं हैं। यह उनके वर्षों पुराने दर्द और घावों को फिर से कुरेदने जैसा है।
कांग्रेस से भाजपा के सीधे सवाल और माफी की मांग
राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि जिसे आप रोल मॉडल बता रहे हैं, वह आखिर किस बात का रोल मॉडल है, यह बात देश को बताई जाए। राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, तो क्या मोहब्बत की यह परिभाषा है कि 1984 के पीड़ितों के दर्द को भुलाकर उनके जख्मों पर फिर से नमक छिड़का जाए।
कांग्रेस के रुख पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग
कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और 1984 के पीड़ित परिवारों से माफी मांगनी चाहिए। 1984 के दंगों पर कांग्रेस द्वारा माफी मांगने का मुद्दा पहले से ही गर्माया हुआ है। अब मुख्यमंत्री नायब सैनी की इस मांग ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।