संयुक्त किसान मोर्चा की नरवाना बैठक: गन्ने का भाव बढ़ाने, 15 सितंबर से धान खरीद और खाद किल्लत दूर करने की उठी मांग

संयुक्त किसान मोर्चा की नरवाना बैठक: गन्ने का भाव बढ़ाने, 15 सितंबर से धान खरीद और खाद किल्लत दूर करने की उठी मांग

संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को नरवाना में आयोजित की गई। यह बैठक सुखविंदर और बाबा गुरदीप झिड़ी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने सरकार से उनकी मांगों का जल्द समाधान करने की मांग उठाई। इस बैठक में धान खरीद, गन्ने के भाव और खाद की किल्लत को लेकर प्रमुखता से आवाज उठाई गई।

किसान नेताओं ने सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखीं। गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई। इसके अलावा धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की बात कही गई। सभी मंडियों में कम्प्यूटरीकृत कांटे लगाने और खाद की किल्लत को दूर करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

लागत और महंगाई को ध्यान में रखते हुए दूध के दामों में बदलाव की मांग उठी। किसान नेताओं ने फैट के आधार पर दूध के दामों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मांग की। साथ ही नकली दूध और उससे बनने वाले नकली उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग भी की गई।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने अन्य वर्गों के आंदोलनों का भी समर्थन किया। मोर्चा ने नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों की चल रही हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से इन कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की। इसके साथ ही लंबे समय से स्थायी रोजगार की मांग को लेकर आंदोलनरत गेस्ट अध्यापकों के प्रति भी एकजुटता जताई गई।

केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर किसान नेताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रही है। इससे देश के किसानों के हितों को नुकसान पहुंचने की पूरी आशंका है। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौतों के लागू होने से विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में पहुंचेंगे। परिणामस्वरूप, किसानों को अपनी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

बैठक में नई नीतियों और कानूनों को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज किया गया। बैठक में बीज बिल 2026 और बिजली संशोधन कानून 2025 को लेकर गहरी चिंता जताई गई। किसान नेताओं ने कहा कि इन नीतियों से किसानों के अपने एवं स्थानीय बीजों तक पहुंच प्रभावित होगी। साथ ही सस्ती बिजली जैसी सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से किसान हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाने की जोरदार मांग की।

मोर्चा ने अपनी पुरानी मांगों को एक बार फिर से दोहराया। कपास की खरीद सीसीई के माध्यम से करवाने की मांग की गई। साथ ही खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई। सभी मंडियों में कम्प्यूटरीकृत कांटे स्थापित करने की मांग को भी दोहराया गया।

इस अवसर पर बैठक में कई प्रमुख किसान नेता उपस्थित रहे। बैठक में बलबीर सिंह, जोगेंद्र नैन और करनैल सिंह सहित कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कवरजीत सिंह, सुरेश कोथ, रणवीर मलिक, विकास सीसर, राजकुमार, विजयपाल, रामफल जागलान, सतीश आजाद, सुमित दलाल, राजीव मलिक, कुलदीप पूनिया, लीला राम, नायब सिंह, गुरनाम, बलवान सिंह और कुलदीप ढांडा सहित अन्य किसान नेता भी मौजूद रहे।

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